शराब तस्करी रोकने के लिये उठाया गया बड़ा कदम

#रिपोर्ट / सन्नी भगत
पटना : राज्य में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने और अपराधी गतिविधि पर नकेल कसने के लिए पुलिस मुख्यालय सभी सीमावर्ती थानों में विशेष चौकसी व्यवस्था बहाल करने जा रही है.
डीजीपी के स्तर पर पूरी स्थिति की जांच पड़ताल चल रही है, ताकि इसके लिए जल्द ही एक ठोस रणनीति तैयार की जा सके. संभावना व्यक्त की जा रही है कि एक महीने के अंदर इससे संबंधित व्यवस्था तैयार कर ली जायेगी.
इसके अंतर्गत राज्य के सभी 127 सीमावर्ती थानों में कई स्तर पर खास बंदोबस्त किये जा रहे हैं. खासकर पड़ोसी राज्य झारखंड, यूपी और पश्चिम बंगाल के अलावा पड़ोसी देश नेपाल से सटे सीमावर्ती थानों में दुरुस्त पुलिसिंग के लिए ठोस रणनीति तैयार की जा रही है. इसके अंतर्गत इन थाना क्षेत्रों में चौबीस घंटे पेट्रोलिंग और वाहनों की चेकिंग करने की खासतौर से व्यवस्था की जा रही है. पूरे सीमा क्षेत्र में निरंतर पेट्रोलिंग करने का इंतजाम किया जा रहा है. पुलिस मुख्यालय इस खास व्यवस्था को बहाल करने के लिए अतिरिक्त संख्या में पुलिस बल भी इन थानों को मुहैया कराने की तैयारी में हैं. फिलहाल आकलन किया जा रहा है कि किस थाने में अतिरिक्त संख्या में किस रैंक के कितने पुलिस बलों की जरूरत है. इसके बाद इन्हें बहाल करने का इंतजाम किया जायेगा. इसके अलावा इन थानों को पेट्रोलिंग के लिए वाहन, वायरलेस सेट, मोबाइल के अलावा रात में सर्च टॉर्च समेत अन्य उपयोगी उपकरण भी मुहैया कराने पर विचार किया जा रहा है. इन तमाम संसाधनों का जरूरत के मुताबिक आकलन के बाद इनकी बंदोबस्ती की कवायद शुरू होगी.
इस पूरी कवायद के पीछे का मुख्य मकसद शराबबंदी तस्करी को पूरी तरह से रोकना है. प्राया यह देखने को मिला है कि सीमावर्ती इलाकों में वाहनों की चेकिंग का चाक-चौबंद बंदोबस्त नहीं होने के कारण शराब की बड़ी खेप यहां से चोरी-छिपे निकल जा रही है. साथ ही सीमावर्ती या दूसरे राज्यों को जोड़ने वाली मुख्य सड़कों से शहरों या कस्बों का उपयोग अवैध शराब को छिपाने के लिए भी किया जाता है. शराबबंदी के बाद से अब तक दर्ज किये गये एक लाख पांच हजार मामलों में करीब 60 फीसदी सीमावर्ती थानों में ही दर्ज किये गये हैं. इस कानून के लागू होने के बाद से अब तक हुई छह लाख 83 हजार 370 छापेमारी में भी पचास फीसदी से ज्यादा छापेमारी इन्हीं थाना क्षेत्रों में हुई है. इस वजह से इन थानों को ज्यादा सशक्त करने की जरूरत महसूस की जा रही है. इसके मद्देनजर ही पुलिस मुख्यालय सशक्त कार्ययोजना बनाने में जुटा है.




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