यूपी के पूर्व राज्यपाल राम नाईक से मिले छपरवी,रामनाईक की मराठी पुस्तक को उर्दू में अनुवाद कर के किया भेंट

छपरा-शहर के छोटा तेलपा टोला पीरबाबा कॉलोनी निवासी भारतीय जनता पार्टी सारण के युवा नेता सह प्रसिद्ध इस्लामी जलसा एनाउंसर हाफिज़ साहेब रज़ा ख़ान छपरवी ने उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्री राम नाईक जी से एक खास मुलाक़ात किया।ज्ञात हो कि श्री राम नाईक अभी एक माह पहले देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के राज्यपाल का कार्यकाल पूरा किया है और अब वे मुंबई के गोरेगाँव स्थित अपने पैतृक आवास शिवसमृति भवन लौट गए हैं।राम नाईक अपने सभी राजनीतिक कार्यो को करते हुए एक साहित्यिक जीवन को अपनी ज़िंदगी में उतारा है यही वजह है कि बहुत सारी पुस्तकें उन्होंने लिखी।इसी क्रम में एक मराठी पुस्तक”चरैवेति चरैवेति”जिसका मतलब होता है चलते रहो चलते रहो नामक पुस्तक लिखी।उसी पुस्तक को अब छपरा शहर के लाल एक होनहार युवा नेता हाफिज़ साहेब रज़ा ख़ान छपरवी ने उर्दू में अनुवाद कर के राम नाईक को जब भेंट किया तो उन्होंने गले लगा कर ख़ूब आशीर्वाद दिया और कहा कि हमें इस पुस्तक को उर्दू में पाकर इतना गर्व हुआ है कि मैं इसको शब्दों में ज़ाहिर नही कर सकता।आगे श्री छपरवी से उन्होंने आग्रह किया की मुझे उर्दू सिखाएं छपरवी ने सप्ताह में दो दिन उर्दू सीखने का वादा किया। आगे छपरवी ने कहा कि श्री राम नाईक जी भारतीय जनता पार्टी के प्रेरणा श्रोत नेताओं में से एक जिनके अंदर अटल बिहारी वाजपेयी जी की दूसरी झलक देखने को मिलती है और यही है कि 2 बार विधायक 5 बार सांसद दो बार केंद्रीय मंत्री से सफ़रे करते हुए राज्यपाल तक का अपना सियासी सफ़र सफलता पूर्वक पूरा किया है स्वच्छ छवी और साहित्य का भंडार उनकी सफलता की चाभी है।आगे छपरवी ने इस विशेष मुलाक़ात पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सारण की जनता का आभार प्रकट किया जिनके आशीर्वाद से यहां तक राजनैतिक सफ़र को हासील किया है।