• युटिलिटी कॉरिडोर में शामिल योजनाओं से संबंधित विभागों के समन्वय के लिए बैठक
• 230 करोड़ की लागत से बिहार का पहला यूटिलिटी कॉरिडोर होगा सारण में
• 27 किलोमीटर भूमिगत होगा यह निर्माण
• 1000 करोड़ से अधिक की योजनाओं का होगा कार्यान्वयन
• जनता को बगैर किसी आर्थिक बोझ के उच्च गुणवत्ता की नागरिक सुविधाओं का मिलेगा लाभ, नगर निगम की भी बढ़ेगी आय
सारण, 02 नवम्बर 2021 । सारण सहित बिहार को विकास का नया आयाम देने वाली योजना यूटिलिटी कॉरिडोर पर बिहार सरकार ने गंभीरता से काम करना आरंभ किया था लेकिन, किसी कारणवश यह लंबित हो गया और योजना कार्यरूप नहीं ले पाई। इस बात की जानकारी देते हुए सारण सांसद सह भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव प्रताप रुडी ने आगे बताया कि सारण में दर्जनभर विभागों के समन्वय से यूटिलिटी कॉरिडोर का निर्माण होना था। इसके लिए उच्च स्तरीय बैठक मुख्य सचिव के साथ की गई थी। साथ ही योजना में दर्जभर विभाग शामिल है इसलिए उनका आपस में समन्वय हो ताकि सम्यक विकास हो सके इसके लिए संबंधित विभागों के प्रधान सचिव के साथ भी मुख्य सचिव के साथ बैठक हुई थी। पुनः जब यह योजना आगे कार्यरूप नहीं ले सकी तब फिर पिछले दिन राज्य के मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण से सांसद ने बैठक की ।
बिहार के इस पहले यूटिलिटी कॉरिडोर की परिकल्पना सांसद रुडी ने की थी। सांसद की पहल पर प्रस्तावित योजना का डीपीआर भी बनाकर ससमय विभाग को समर्पित कर दिया गया था। शहरी क्षेत्र के 27 किलोमीटर में 230 करोड़ की लागत से बनने वाले इस कॉरिडोर के माध्यम से नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं का विकास से संबंधित बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, बुडको, बीएसएनल, म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन, विद्युत विभाग, आइओसीएल, आवास बोर्ड, पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, शहरी विकास विभाग आदि विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा एकीकृत रूप से लगभग एक हजार करोड़ से अधिक की योजनाओं का कार्यान्वयन किया जायेगा। यूटिलिटी कॉरिडोर के निर्माण से जहाँ जनता को बगैर किसी आर्थिक बोझ के उच्च गुणवत्ता की नागरिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा लाभ वहीं इससे नगर निगम की भी आय बढ़ेगी।
इस संदर्भ में सांसद रुडी ने कहा कि छपरा केवल सारण लोकसभा क्षेत्र का शहरी क्षेत्र या जिला मुख्यालय ही नही बल्कि यह प्रमंडल मुख्यालय भी है। इसलिए यहां यूटिलिटी कॉरिडोर की आवश्यकता महसूस की जा रही है जो भविष्य के विकास को देखते हुए सारण की जनता को शीघ्र समर्पित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इससे इससे संबंधित ही मुख्य सचिव से सभी विभागों के आपसी समन्वय व योजनाओं के बजट से संबंधित बैठक की गई। सासंद ने कहा कि इसके पूर्व भी तत्कालीन मुख्य सचिव दीपक कुमार के साथ बैठक हुई थी। कोविड काल में वर्चुअल बैठक भी हुई थी। बैठक में नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर, बुडको के प्रबंध निदेशक, रमण कुमार समेत ऊर्जा विभाग, भारत संचार निगम लि॰, इंडियन ऑयल, पथ निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, सारण के तत्कालीन जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त सारण, नगर आयुक्त, आदि वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
सांसद ने कहा कि आज सारण में भी महानगरों की तर्ज पर सुविधा प्रदान की जा रही है और भविष्य में इसको अंतरराष्ट्रीय मानक पर लाने के लिए उन्होंने यूटिलिटी कॉरिडोर के निर्माण की कवायद की है। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में और शहरीकरण के दौर में ऐसे कॉरिडोर की उपयोगिता सारण क्षेत्र में बढ़ गई थी। इस योजना का प्रस्ताव अंतिम चरण मे है। विदित हो कि यूटिलिटी कॉरिडोर बिजली केबल, गैस पाइपलाईन, भाप, पानी की आपूर्ति पाइप, सीवर लाइनें, ऑप्टिकल फाईबर केबल, टेलिफोन वायर और स्ट्रीट लाइट जैसी उपयोगिता लाइनों को ले जाने के लिए कांक्रिट से बना एक भूमिगत मार्ग होता है। यूटिलिटी कॉरिडोर से आये दिन इन सुविधाओं के आने वाली समस्याओं से निजात मिलता है कभी किसी लाइन को मरम्मत या अपग्रेड करना पड़े तो अन्य सुविधाएं बाधित नहीं होती है।