मझौलिया:-और जब महात्मा गांधी धोकराहा होते हुये जब सरिसवा पहुंचे तो स्कूली छात्र एंव छात्राओं फूलों की बारिश कर स्वागत किया
दैनिक खोज खबर संवाददाता मझौलिया से नेयाज आलम शाई की रिपोर्ट:-बताते चले की धोकराहा कोठी के होलटन द्वारा स्तबल जलाने को लेकर किसानों पर गलत तरीके से मुकदमा मे फसाया गया था समस्या को जानने के लिये महात्मा गांधी 16 मई 1917 को पहुँचे थे इस वर्ष सौ वर्ष पूरे हो जाने के उपलक्ष्य मे चम्पारण सताब्दी वर्ष बड़ी धूमधाम से जहा जहा पे गांधी का पदार्पण हुआ था वहा वहा पे यह कार्यक्रम सिलसिलावार आयोजन हो रहा है जब निलहों की खेती से किसान त्रस्त थे तब पण्डित राजकुमार शुक्ल ने लखनऊ अधिवेसन के दौरान गांधी से चम्पारण दौरे की गुजारिस की थी यह सुन गांधी जी का चम्पारण यात्रा कार्यक्रम तय हुआ 16 मई 1917 को जब सरिसवा सरयुग उपाध्याय के शिव मंदिर परिसर मे गांधी जी जब पहुंचे तो तकरीबन तीन सौ किसान सरयुग उपाध्याय के आम के बगीचे मे पहुंचे तो निलहों के अत्याचार की बात किसान गांधी से कहने लगे तो उस समय कोठी के समर्थक मुनेश्वर दुबे,व बुट्टा दुबे किसानों की बीच बीच मे रोक कर ध्यान विचलित करना चाहा तब किसान उग्र हो गये और धूल फेक कर ईंट पत्थर चला अर्धनग्न कर भागने पर बिवस कर दिये यह कहना है स्वतंत्रता सेनानी पण्डित शिवनाथ तिवारी का|
गांधी रूपी अवतार के रूप मे चनपटिया के शिक्षक संजीव कुमार जब धोकराहा पहुँचे तब स्थानीय मुखिया आशीष भट्ट माला पहनाकर कर स्वागत किया वही सरिसवा मुखिया सोहन साह व प्रधानाध्यापक रामशंकर सिंह अशोक पाण्डेय बिजय गुप्ता मनोज उपाध्याय अब्दुल सत्तार शाई भरत कुमार स्वतंत्रता सेनानी पण्डित शिवनाथ तिवारी आदि ने गांधी का अगुआनी कर नरों के बीच सरिसवा माध्यमिक विधालय मे बस स्टेन चौक से ले गये गांधी ने जहा पर गांधी जी आये थे वहा पर माल्यार्पण किया|

इस मौके पर सीओ वीरेन्द्र मोहन, बिडिओ जितेन्द्र कुमार राम,बीईओ डा.नन्दनी,जपीएस दीपक वर्मा,ब्रजकिशोर सिंह,कांग्रेस नेता रवीन्द्र शर्मा,रवि कांत झा,दारोगा सुधीर कुमार,बिनोद कुमार,जितेन्द्र नाथ तिवारी,मुखिया आशीष भट्ट सुरेश हजरा शिक्षिका अफ़साना खातुन,अनीता देवी,लालबाबू बैठा आदि सैकड़ों की संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे|वही लोगों मे गांधी को देखने लिये भीड़ उमड़ती रही।