
भारतीय हॉकी के राष्ट्रीय कोच हरेन्द्र सिंह होंगे ‘सारण रत्न सम्मान’ से सम्मानित
ロ स्व. तिस्ता शांडिल्य को ‘विशेष श्रधांजलि सम्मान’ , रामचंद्र मांझी को ‘सारण गौरव सम्मान’ एवं राव रणविजय को ‘सारण प्रगति सम्मान’ प्रदान किये जाने की घोषणा

छपरा : माँ यूथ ऑर्गेनाईजेशन द्वारा बंगरा(जलालपुर) में 08 जनवरी 2019 को “सारण सम्मान समारोह” का आयोजन किया जा रहा है। अपनी तरह की इस अनूठी पहल में 10 विभिन्न क्षेत्रों में सारण के गौरव को बढ़ाने वाले व्यक्तियों को इस कार्यक्रम में “सारण गौरव सम्मान” से सम्मानित किया जाना है। इसके अलावे सारण की प्रगति में योगदान देने वाले 10 विभिन्न क्षेत्रों के व्यक्तियों को “सारण प्रगति सम्मान” से सम्मानित किया जायेगा।

इस सबसे अलग “सारण रत्न सम्मान” के नाम से एकल सम्मान की भी शुरुआत की गई है जो कि सबसे पहले भारतीय राष्ट्रीय हॉकी टीम के कोच हरेन्द्र सिंह को इस वर्ष दिये जाने की घोषणा की गई है।

द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित छपरा के हरेन्द्र सिंह के प्रयासों से भारतीय पुरूष हॉकी टीम का स्वर्णिम काल वापस आया हैं। हरेन्द्र के सानिध्य में ही महिला हॉकी टीम ने भी ऑस्ट्रेलिया में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में सेमीफाइनल तक का सफ़र तय किया। हरेन्द्र सिंह ने इस सम्मान पर खुशी जाहिर करते हुये कहा कि यह एक अनूठी पहल है। अपने घर में सम्मान पाना एक अलग अनुभव दे रहा है।
इसके अलावे स्व. तिस्ता शांडिल्य को ‘विशेष श्रधांजलि सम्मान’ प्रदान किये जाने की घोषणा हुई है। ‘सारण गौरव सम्मान’ एवं ‘सारण प्रगति सम्मान’ के लिए नामों की घोषणा धीरे-धीरे की जानी है।
फ़िल्म एवं रंगमंच के क्षेत्र में रामचंद्र मांझी को ‘सारण गौरव सम्मान’ एवं राव रणविजय को ‘सारण प्रगति सम्मान’ प्रदान करने की घोषणा हुई है। तुज़ारपुर गांव के रामचंद्र मांझी भिखारी ठाकुर नाच मंडली के सबसे वयोवृद्ध जीवित सदस्य है जो कि हाल के ही वर्षों तक गुमनामी में जी रहे थे। औरंगाबाद जिले के राव रणविजय ने ‘सारण’ नाम से एक डॉक्युमेंट्री फ़िल्म का निर्देशन कर इसे राष्ट्रीय पटल पर सम्पूर्ण पहचान दिलाने का प्रयास किया है।




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