दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट:-
बिहार राज्य ईंख उत्पादक संघ के महासचिव प्रभुराज नारायण राव ने सासामुसा चीनी मिल को सरकार द्वारा दिए गये निर्देश के आलोक में शर्तों के आधार पर चीनी बेंचने के निर्णय मिल पक्षीय बतलाया ।
महासचिव ने बतलाया कि पिछले साल ईंख मंत्री बिहार सरकार से एक प्रतिनिधि मिलकर मांग किया गया कि चीनी मिल पर बकाया 13 करोड़ रुपये किसानों को दिया जाय ।मिल प्रबंधन द्वारा मिल चालू नहीं करने की स्थिति में बिहार सरकार द्वारा अधिग्रहित कर चीनी मिल को चालू किया जाय ।मृत 9 मजदूरों को 10 -10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाय ।
लेकिन सरकार द्वारा बनाये गये कृषि रोड मैप का अपने ही माखौल उड़ाते हुये किसानों को धोखा दे रही है ।
महासचिव ने बतलाया कि किसानों के बकाये पैसे की भुगतान के लिये मोदी सरकार द्वारा बिना ब्याज का चीनी मिलों को पिछले साल 11 हजार करोड़ रुपये और इस साढ़े पांच हजार करोड़ रुपये दिया गया ।जो मिल मालिक ढकार गये।उसका स्पस्टीकरण लिये बिना चीनी बेंचने का इजाजत दुर्भाग्यपूर्ण है ।
बिहार सरकार को चीनी मिल चलाने की गारण्टी लेनी होगी।अन्यथा सासामुसा चीनी मिल क्षेत्र अन्तर्गत के किसानों के साथ धोखा होगा और जबतक चीनी मिल चालू नहीं होता संघर्ष जारी रहेगा ।
इस अवसर पर बिहार राज्य ईंख उत्पादक संघ के राज्य कमिटी सदस्य मुना कुमार ,सच्चिदानंद ठाकुर ,अजय कुमार यादव ,विजय कुमार शाही ,पर्मेन्द्र कुमार आदि उपस्थित थे ।