दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट:-

यदि सही समय पर इलाज हो तो कैंसर लाइलाज नहीं है. दुर्भाग्यवश, हमें कैंसर का तब पता चलता है जब वह अपने चरमोत्कर्ष पर रहता है और इलाज करना असंभव हो जाता है जिस कारण मरीज अपने प्राण खो देता है.उक्त बातें बुद्ध कैंसर सेन्टर के डॉक्टर अरविंद ने कहा. मौका था इंडियन मेडिकल एशोसिएशन जिला ईकाई द्वारा आयोजित एक दिवसीय सेमिनार का.सेमिनार में कैंसर के विभिन्न प्रकारों,उनके लक्षणों और उपचारों पर विस्तृत चर्चा की गई. सेमिनार को जिला अध्यक्ष डा.प्रमोद तिवारी, सचिव डा.अंजनी कुमार मीडिया प्रभारी डा.उमेश कुमार एवं अन्य ने संबोधित किया.