परिवार की आर्थिक तंगी को ठीक करने की उम्मीद लेकर 22 दिन पूर्व गया था परदेस, घर पर आई मौत की खबर

मांझी(सारण) : जैतपुर के तिवारी टोला निवासी रामेश्वर गिरी के 42 वर्षीय छोटे पुत्र हरेन्द्र गिरी परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति को देख कर 22 दिन पूर्व निकला था। जब अचानक उसके मौत की खबर आई तो परिवार में कोहराम मच गया। उसने बाहर में हाल ही एक जगह मजदूरी शुरू की थी। काम पर निकलने के बाद जब व शाम को अपने क्वाटर पर पहुंचा तो अचानक तबीयत खराब हो गई। उसके मुंह से गाज निकलने लगा और देखते ही देखते उसकी मौत हो गई। उसकी मौत से गमगीन पास में मौजूद पत्नी ने जब गांव के परिजनों को बिलखते हुए जानकारी दी तो गम का एक और पहाड़ टूट पड़ा। प्राप्त जनकारी के अनुसार हरेंद्र गिरी आर्थिक तंगी से मजबूर होकर कामकाज की तलाश में एक पुत्री अंजली और पत्नी इंदु देवी के साथ बाहर गया था। वह ग्रेटर नोएडा के समीप दादरी में था। अपने दो पुत्र 13 बर्षीय अमन तथा 8 बर्षीय अनुराग को घर पर 82 बर्षीय दादी सीता कुँवर की देखभाल के लिए अपने भाई सवलिया गिरी की जिम्मेवारी पर छोड़ गया था। वह पहले गांव पर सब्जी बेचता था। उसके बाद भाड़ा पर चारपहिया वाहन चलाकर अपने परिवार के साथ गुजारा करने लगा। मगर स्थिति नही सुधरी। गरीबी से परेशान और परिवार को ठीक से संभालने की चिंता ने हरेन्द्र को मजदूरी करने के लिए घर छोड़ने पर विवश कर दिया। गरीबी इस कदर कि व्यवस्थित मकान तक भी नही था। पूर्वज के पुराने घर पर इट सजकर ऊपर से टाट रख परिवार के जीवन यापन चलाता था। बूढ़ी माता सीता कुँवर का लाडला व कमाऊ बेटा था। अचानक पिता के मौत से दोनों पुत्र बेसहारा हो गया। मालूम हो कि हरेंद्र पांच भाइयो में छोटा था। अन्य भाई दिल्ली, कानपुर, गजियाबाद जगहों में रहते है। वही गाँव पर दो छोटे पुत्र पिता को याद कर फुट फुट कर रो रहे थे।उसके आंसू देख लोगो की आँखो से आसूं छलक आए।