परसागढ़ गैंगरेप : बड़ा फर्क आ गया तब में और अब में ….

दीपेश्वर विद्या निकेतन (फाइल फोटो)
विनीत कुमार, छपरा
6 जुलाई 2018 का दिन. इस दिन आई एक ऐसी खबर जिसने सनसनी मचा दी. ऐसी सनसनी जिसने पुरे बिहार को शर्मिंदा करना शुरू कर दिया. रिजनल चैनल्स से लेकर नेशनल चैनल तक ने बिहार के इस सनसनी पर खूब खबरें चलाई. 7 जुलाई को बिहार समेत देश के कई अखबारों ने परसागढ़ के इस गैंगरेप की घटना पर फ्रंट पेज पर लीड स्टोरी छापी. छपरा संस्करण की तो बात ही मत कीजिये. पुरा अंदर तक छीछालेदर किया गया.
नेशनल टीवी चैनलों के ओवी भान परसागढ़ तक पहुँचे. अखबारों ने करीब 10 दिनों तक इस मुद्दे पर खुब सारी थ्योरी छापी. फिर उसके बाद शांति छा गयी. भाई शांति तो छानी ही थी.
अब इसके आगे …
दरअसल परसागढ़ गैंगरेप में जिस विद्यालय का नाम आया था उसका नाम दीपेश्वर विद्या निकेतन था. कथित तौर पर इसी विद्यालय में अध्यनरत एक युवती के साथ विद्यालय के प्रिंसिपल, शिक्षक, प्रिंसिपल के बेटे समेत कुल 18 लोगों ने युवती के साथ गैंगरेप किया था. ऐसा खुद युवती ने न्यायालय को दिए अपने बयान में कहा है. युवती ने यहाँ तक कहा था कि बीते 4 जुलाई 2018 व 5 जुलाई 2018 को भी उसके साथ दुष्कर्म किया गया. मामले की प्राथमिकी 6 जुलाई को दर्ज की गई और ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया गया. जिन्हें पुलिस गिरफ्तार नही कर सकी उन्होंने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया.
मीडिया की थ्योरी यहां तक चली मगर इसके बाद शायद अब कुछ काम का बचा नही था सो इस मामले को छोड़ दिया गया.

(दीपेश्वर विद्या निकेतन के वो बच्चे जिनपर दुष्कर्म का आरोप था, ये जेल गए फिर बेल पर रिहा हुए और मैट्रिक परीक्षा पास की)
दीपेश्वर विद्या निकेतन जो करीब 17-18 वर्षों से परसागढ़ में चल रहा था वहाँ के 500 बच्चों के जीवन मे अचानक से संकट के बादल मंडराने लगे. इस विद्यालय में पढ़ रहे वर्ग 10 के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हुए. मगर दाद दीजिये उन शिक्षकों की जिन्होंने अपने प्रिंसिपल पर लगे इतने बड़े आरोपो को दरकिनार कर विद्यालय चलाना जारी रखा और बच्चों की पढ़ाई पुरी करवाई.
इस रेपकांड में विद्यालय के प्रिंसिपल व उनके बेटे को भी जेल की हवा खानी पड़ी. धीरे धीरे सबको न्यायालय से जमानत मिली. मोटे तौर पर न्यायालय ने इस रेपकांड के सभी आरोपियों को जमानत दे दी और सभी बाहर आ गये.
इस बड़े चक्रवात से निकले बच्चों के सामने अब मैट्रिक की परीक्षा थी जो महज दो माह के बाद होनी थी. विद्यालय प्रशासन ने बच्चों का हौसला बढ़ाया और अलग से उनके लिए पठन पाठन की व्यवस्था करवाई. नतीजा ये रहा कि इस रेपकांड में जेल जा चुके सभी बच्चे मैट्रिक अच्छे अंक के साथ पास हुवे. प्रिंसिपल मुकुंद जी के पुत्र प्रभुदयाल ने मैट्रिक परीक्षा में करीब 75 फीसदी अंक प्राप्त किये.

(दीपेश्वर विद्या निकेतन के प्रिंसिपल मुकुंद जी के बेटे प्रभुदयाल का अंकपत्र)
इस पुरे मामले में गौर करनेवाली बात ये थी कि पीड़ित युवती की मेडिकल रिपोर्ट में क्या था ?? जैसा मुझे याद है कि न्यायालय के निर्देश पर चिकित्सको की एक टीम गठित की गई थी जिसने मेडिकल किया मगर इसकी रिपोर्ट मीडिया को नही दी गयी और ये कहा गया कि आप यह पुलिस से लीजिये. पुलिस ने कहा न्यायालय से लीजिये. और अंततः यह मेडिकल रिपोर्ट मीडिया को मिला ही नही की वो इसे छाप सके. वैसे भी यह मामला इतना संवेदनशील हो गया था कि इस ओर किसी ने दिलचस्पी नही दिखाई और धीरे धीरे पाठकों का तापमान भी पत्रकारों के साथ कम हो गया.
न्यायालय ने बेल देने के दौरान इस मेडिक्ल रिपोर्ट की चर्चा की है. इसमे कहा गया है कि पीड़िता के अनुसार उसके साथ 4 व जुलाई को दुष्कर्म किया गया. 6 जुलाई को युवती का मेडिकल कराया गया जिसमें उसके गुप्तांगों के पास न तो कोई जख्म मिले और न ही किसी तरह का कोई निशान. इसके साथ ही स्पेरमोटोजोआ भी नही पाए गए. (कॉपी की स्क्रीनशॉट संलग्न है)

(न्यायालय से प्राप्त की गई कॉपी)
मेडिकल रिपोर्ट दुष्कर्म के मामले में कितनी महत्वपूर्ण होती है यह बेहतर तरीके से आपको या तो कोई वकील बता पाएंगे या फिर पुलिसवाले. इस मामले में भी मेडिकल रिपोर्ट से काफी कुछ स्पष्ट हो गया मगर ये न्यायालय का अंतिम निर्णय नही है. न्यायालय का अंतिम निर्णय आने में वक्त लगेगा मगर आशा है कि ये सबके साथ न्याय करेगा.
इस पुरे प्रकरण में सबसे अधिक यदि किसी का नाम खराब हुआ तो वो एकमा है. एकमा के साथ साथ सारण व बिहार की छवि भी धूमिल हुई. गुरु व शिष्य के संबंधों को भी गहरा धक्का लगा. सहपाठियों ने भी अपनी एक सहपाठी के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म कर सारी मर्यादाओ को तार तार कर दिया. मगर अब परसागढ़ की फिजा बदल रही है.दीपेश्वर विद्या निकेतन का माहौल बदल रहा है.
मीडिया बताए या ना बताए मगर कम से कम परसागढ़ वाले गैंगरेप के इस खेल को समझ गए हैं.
परसागढ़ गैंगरेप के दोषियों को न्यायालय कड़ी से कड़ी सजा दे ये हमारी दरख्वास्त है साथ ही झूठ बोलनेवालों को भी ऐसी सजा दी जाए कि अगली बार से कोई झूठ बोलने से पहले हजार बार सोंचे.
परसागढ़ गैंगरेप में तब की मेरी ग्राउंड रिपोर्ट पढिये, बहुत कुछ उसमें भी मिल जाएगा आपको.
इस मुश्किल घड़ी में हार न मानने के लिए दीपेश्वर विद्या निकेतन, वहां के बच्चों व प्रिंसिपल मुकुंद जी को धन्यवाद.ऐसे आरोपों के बाद तो बड़े बड़े महल ढह जाते हैं मगर आप डटे रहे इसके लिए बधाई आपको.
सबको न्याय मिले ये हमारी कामना है.




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