⏭नींद से उठे मोतिहारी के गांधीवादी महात्मा गांधी के स्वच्छता के सपना को करेंगे सकार
⏭महात्मा गांधी के प्रतिमा को साफ़ सफ़ाई नहीं होने का मुद्दा को 31 मार्च को फेसबुक के माध्यम से उठाये थे प्रोफेसर अखिलेश सिंह
⏭दैनिक खोज खबर सेन्ट्रल डेस्क:-मोतिहारी महात्मा गांधी ने चंपारण से सत्याग्रह के साथ कई प्रकार के सुधारात्मक कार्य प्रारंभ किए। इसमें स्वच्छता भी उनका सपना था। स्वच्छ वातावरण में विचार भी अच्छे आते हैं। तन व मन को शुद्ध रखने में सफाई अहम भूमिका निभाता है। शहर को साफ रखने को लेकर एक परिचर्चा में शहर के बुद्धिजीवियों ने अपनी बात रखी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री ब्रजकिशोर सिंह ने कहा कि सफाई हर स्तर पर की जानी चाहिए। इस कार्य को सभी को करना चाहिए।
स्वच्छता का क्या महत्व है वह हर लोगों को जानने की जरूरत है। सत्याग्रह वर्ष में बापू के जीवन से सीखने की जरूरत है। वे सफाई पसंद करते थे। खुद से आसपास की सफाई करना उनकी आदत में शामिल था। राय सुंदरदेव शर्मा ने कहा कि सफाई के प्रति आम लोगों के साथ नगर परिषद को भी सजग रहने की जरूरत है। पिछले दिनों तक हड़ताल के बाद शहर की नारकीय स्थिति हो गई थी। अब हड़ताल समाप्त हो चुका है, पर सफाई की रफ्तार पुरानी है।
सत्याग्रह वर्ष में विभाग के स्तर पर भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। युवा संगठन के अध्यक्ष रंजीत गिरी ने कहा कि जिस प्रकार घर को हमलोग साफ रखते हैं उसी प्रकार आसपास को साफ रखना चाहिए। नदी, तालाब व झील को भी साफ रखने का संकल्प शहर के लोगों को लेना चाहिए। परिचर्चा में शामिल लोगों में डॉ. आरएन सिंह , डॉ. ओमप्रकाश , संजय सिंह , आदित्य पाण्डेय, कुणाल झा, संजय सत्यार्थी, पुरुषोत्तम कुमार, आलोक कुमार, संजय श्रीवास्तव, राजेश कुमार राय, दुर्गा चौधरी, शारदा चौधरी, प्रेमशंकर प्रसाद, इरफान खान मौजूद थे।




Recent Comments