
हाल जमुई नगर परिषद का :
- सड़कों एवं गली के मुहाने पर लगा है कूड़ा
-28 लाख रूपये प्रतिमाह खर्च हो रहे है सफाई पर ।
-स्वच्छता रैकिंग – घर- घर जाकर कभी नही उठाव हुआ कूड़ा।
डेस्क रिपोर्ट जमुई-
: स्वच्छ जमुई- ग्रीन जमुई अभियान के तहत नगर परिषद प्रशासन ने करीब एक साल पहले पूरे तामझाम से मुहल्लों में जाकर कूड़ा उठाने का अभियान शुरू किया था। जिसके तहत नगर परिषद के सफाई कर्मी सुबह छह बजे से लेकर 10 बजे तक मुहल्ले के नालियों की सफ़ाई करते दिखे थे। लेकिन यह योजना अब पूरी तरह से फ्लाप हो गयी है। शहर के 30 वार्ड में से अधिकांश वार्ड में अब न सफाई हो रही है न ही घरों से कूड़ा उठ रहा है। जिसके कारण वार्ड के लोग सड़कों पर कूड़ा फेंक रहे है। मोहल्ले के मुहाने एवं सड़कों पर कूडा का अंबार लग जा रहा है। जिसके कारण राहगीरों में आने-जाने में भी दिक्कत हो रही है। हालांकि जिस मोहल्ले में प्रशासनिक पदाधिकारी रहते है, वहां कूड़ा उठाया जाता है।
नगर परिषद प्रशासन वार्ड एवं मुख्य- चौक -चौराहे पर कूड़ादान भी नहीं रखा है। जिसके कारण मोहल्ला गंदा दिखा रहा है। जबकि नगर प्रशासन ने शहर सफाई के लिए हर माह करीब 28 लाख रूपये खर्च कर रही है। निगम प्रशासन ने एनजीओ को ठेका सफाई का ठीक दिया है, वह घर जाकर कूड़ा नहीं उठा रहे है।

जिसके कारण मोहल्ले के लोगों को गंदगी को बीच रहना मजबूरी हो गया है। नगर प्रशासन स्वच्छता रैंकिंग के समय सीटी बजाकर घर-घर कूड़ा उठाने के अभियान में तेजी की बात की थी, लेकिन अब सीटी बजाकर कूड़ा उठाने का कार्य सभी वार्डों में अब तक नहीं हो पा रहा है।
जमुई नगर परिषद में तीन एनजीओ को मिलकर 30 वार्डो की सफाई का ठेका है, कुल 208 मजदूरों या सफाई कर्मियों से काम लेना था। अनुबंध के अनुसार सुबह और शाम दो पालियों में शहर की सफाई करनी थी। परंतु साल भर बीतने के बाद भी आज तक एक बार भी दिन का सफाई देखने को नही मिलता, दो से चार दिनों में यदा कदा कभी सफाई कर्मचारी द्वारा साफ करने की सूचनाएं मिलती है। ये कहना है स्थानीय निवासी, बसंत सिंह, सन्तोष कुमार मनोरंजन कुमार,रामदेव सिंह,गौतम कुमार का। नगर परिषद के पीछे वीआईपी कॉलोनी, ब्लॉक परिसर, महिला कॉलेज में गंदगी का अंबार दिख जाना आम बात है।
अधिकारी कर्मचारी व एनजीओ गठजोड़ से जमुई की सफाई व्यवस्था व जल निकासी की सुविधा को ग्रहण लगा हुआ है और लाखों के कमीशन खोरी का धंधा फलफूल रहा है। समाचार लिखे जाने तक सफाई कर्मचारियों व एनजीओ को मोनेटरिंग या देख रेख के लिये कोई टीम या निगरानी की व्यवस्था नही है।
कहते है अधिकारी- दीपावली व छठ पर्व के लिये विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसके लिये जल्द ही टीम गठन पर विचार किया जा रहा है।
एहतेशाम हुसैन, नगर प्रबंधक, जमुई।
इनसेट :
एक नजर में-
- वार्ड की संख्या – 30
- कुल कार्यरत एनजीओ -03
*नगर में सफाई कर्मी – 208




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