मांझी(सारण)। छात्रों को ब्यावसायिक ब्यावहारिक शिक्षा के साथ साथ संस्कार की शिक्षा दिया जाना भी बेहद जरूरी है। शिक्षक व छात्रों के बीच आत्मीय समन्वय शैक्षिक परम्परा को जीवंत रखने का बेहतर माध्यम है। यह बातें मांझी विधानसभा के पूर्व प्रत्यासी राणा प्रताप सिंह उर्फ डब्ल्यू सिंह ने रविवार को लीलाधर गिरी के मठिया स्थित ज्ञान विद्या मंदिर परिसर में आयोजित द्वितीय वार्षिकोत्सव समारोह को सम्बोधित करते हुए कही। मांझी पश्चिमी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि राहुल गुप्ता ने अपने सम्बोधन में कहा कि कोरोना काल में छात्रों के शिक्षा ग्रहण में हुई क्षतिपूर्ति का दायित्व शिक्षकों के ऊपर है। समारोह को सरपंच सरल मांझी उमेश गिरी माकपा नेता शैलेश यादव अनिल यादव तथा मनोज यादव आदि ने भी सम्बोधित किया। इससे पहले विद्यालय के छात्र व छात्राओं ने गीत नृत्य भाषण व एकांकी प्रस्तुत कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। आगत अतिथियों ने प्रतिभागी क्रमशः अंशिका आर्य तथा निशा कुमारी के अलावा नेहा कुमारी डिम्पल कुमारी विकास कुमार पार्वती कुमारी खुशी कुमारी ज्योति कुमारी पूजा कुमारी संगीता कुमारी तथा सपना कुमारी को मेडल व प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया। विद्यालय के संचालक मदन गिरी गुड्डू गिरी तथा रामदर्शन यादव ने आगत अतिथियों को अंगवस्त्र से सम्मानित किया। संचालन गुड्डू शुक्ला ने किया।