हाजीपुर।एलजेपी में बगावत करने के बाद अचानक सांसद पशुपति कुमार पारस सुर्खियों में छा गए हैं। साथ ही उन्होंने सीएम नीतीश कुमार की सराहना की है। इस स्थिति में चिराग पासवान के चाचा पशुपति कुमार पारस के सियासी बैकग्राउंड पर भी नजर डालनी जरूरी है।
बिहार की सियासत में इस समय जो नेता सबसे ज्‍यादा सुर्खियों में है। उनका नाम पशुपति कुमार पारस है। वैसे पशुपति कुमार पारस रातों-रात सुर्खियों में इस वजह से छा गए हैं, क्योंकि पारस ने अपने ही बड़े भाई रामविलास पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी से भतीजे चिराग पासवान का तख्ता पलट कर दिया है। साथ ही वो खुद ही एलजेपी के अध्यक्ष व पार्टी के संसदीय दल के नेता बन गए हैं। एलजेपी में रातों-रात हुए तख्ता पलट के बाद से ही पशुपति कुमार पारस सबसे ज्यादा चर्चाओं में हैं। इस स्थिति में यह समझना आवश्यक है कि आखिरकार पशुपति कुमार पारस कौन हैं। जो अपने ही भतीजे चिराग पासवान को हटाकर एलजेपी के अध्यक्ष बन गए हैं?

पशुपति कुमार पारस लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष दिवंगत रामविलास पासवान के सबसे छोटे भाई हैं। ये तीन भाई थे। पशुपति कुमार पारस के दो भाइयों का निधन हो गया है। इस समय पशुपति कुमार पारस पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष चिराग पासवान के इकलौते चाचा हैं। सांसद बनने से पहले पशुपति कुमार पारस बिहार की नीतीश सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। पशुपति कुमार पारस अलौली से 5 बार विधायक रह चुके हैं। बताया जा रहा है कि सन 1977 में अपना पहला विधानसभा चुनाव जीतने वाले पशुपति कुमार पारस अपने बड़े भाई रामविलास पासवान के साथ साए की तरह साथ रहते थे। पशुपति कुमार पारस ने एलजेपी से पहले कई अलग-अलग पार्टियों से भी चुनाव लड़ा है।

चिराग पासवान के चाचा पशुपति कुमार पारस की गिनती बिहार की सियासत में जानेमाने दलित नेता के तौर पर होती है। पशुपति कुमार पारस ने हाजीपुर से 2019 का लोकसभा चुनाव जीता व संसद पहुंचे। इससे पहले पशुपति कुमार पारस बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं। रातों रात एलजेपी का तख्ता पलटने के बाद ये भी कयास लगाए जा रहे हैं कि पशुपति कुमार पारस केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार में मंत्री बन सकते हैं।