गुणवत्ता का दावा करने वाली सरकार पाठ्य-पुस्तक देने में विफल :- जयप्रकाश
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दैनिक खोज-खबर के लिए राकेश सिंह लववंशी
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पचरुखी/सिवान :- एक तरफ सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दावा करती नहीं थकती है और दूसरी तरफ शैक्षणिक सत्र के दो माह बीतने को हैं।परंतु अभी तक विद्यालयों में पुस्तक नहीं पहुंची है।किसी तरह फटी -पुरानी अपर्याप्त पुस्तकों से शिक्षण कार्य हो रहा है।इस संबंध बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ अंचल इकाई पचरुखी के सचिव जयप्रकाश सिंह ने कहा कि सरकार कहने को तो सामाजिक न्याय का ढ़िंढ़ोरा पीटती नहीं थकती है।दूसरी तरफ सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले गरीब-वंचित वर्ग के छात्रों के साथ सौतेला व्यवहार करती है।दरअसल सरकार की मंशा गरीब -वंचितो के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने का प्रयास है।क्योंकि सरकारी विद्यालयों में पढाई जाने वाली पुस्तकें बाजार में भी उपलब्ध नह़ी हैं।





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