
जयंती पर याद किए गये ‘ प्रियदर्शी सम्राट अशोक
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राकेश सिंह लववंशी (सिवान)
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पचरुखी :- अपने महापुरूषों को खोज खोज कर उनकी जयंती मनाने और समाज को उनके योगदान से परिचित कराने वाले पटेल स्वाभिमान मंच ने आज पचरुखी में सम्राट अशोक की जयंती मनाई गयी।जयंती पर सम्राट को याद करते हुए प्रधानाध्यापक ध्रुवशंकर सिंह ने कहा कि सम्राट अशोक महान का जन्म 304 ईसा पूर्व, अशोकाष्टमी (चैत द्वितीय पक्ष अष्टमी) को पाटलिपुत्र (भारत) की भूमि पर हुआ था | जिनके पिता का नाम बिन्दुसार मौर्य और माता का नाम सुभद्रांगी (धर्मा) था | इन्होंने कहा कि विश्व विदित है कि 261 ईसा पूर्व में अखण्ड भारत के निर्माता सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य के पोते अर्थात मोरिय (मौर्य) वंश के तीसरे सम्राट, अशोक महान ने कलिंग को विजित किया | किन्तु हिंसा की उत्पीड़न से पीड़ित होकर अकारण युद्ध त्यागकर “बुद्ध धम्म” ग्रहण कर धम्म विजय का जयघोष किया और विश्व इतिहास में “सम्राट अशोक महान (Ashoka the Great)” के नाम से विश्व विख्यात हुए |
वहीं शिक्षक जयप्रकाश सिंह ने कहा कि हर भारतीय को यह शर्म आना चाहिए कि
जिस राजा का चक्र राष्ट्रीय ध्वज में है,
जिस राजा के चार सिंह मुखी के चिन्ह को राष्टीय मुद्रा माना जाता है
जिस राजा को दुनिया का सर्वोत्तम राजा माना गया,
जिस राजा के कारण भारत का नाम पूरी दुनिया में उज्ज्वल हुआ।
,जिसके नाम से सर्वोच्च पुरुस्कार अशोक चक्र दिया जाता है
,जिस राजा का साम्राज्य अफगानिस्तान और ईरान तक फैला था।
,भारत का पहला प्राणी चिकित्सालय जिसके शासन में खुला,
पर्यावरण के प्रति जागरूकता अभियान का सर्व प्रथम जिस राजा ने शुरू किया।
जिस राजा के कारण बौद्ध धम्म विश्वव्यापी हुआ
उस महान चक्रवर्ती राजा को *प्रियदर्शी सम्राट अशोक* के नाम से पूरी दुनिया मानती है।।उस महान अशोक की जयंती भारत में नही मनाई जाती।यह तो भला हो बिहार सरकार अआ जिसने इस वर्ष अवकाश देकर जयंती मनाने की परंपरा शुरु की है।
वहीं समाजसेवी उमेश सिंह पटेल ने कहा कि
जिन प्रतीकों के बल पर भारत महान बना है।
उन राष्ट्रीय प्रतीक चिह्नों को आज की सरकारें हटाने का कार्य कर रही है | भारत सरकार द्वारा आज तक राष्ट्रीय पर्व सम्राट अशोक जयन्ती (अशोकाष्टमी) नहीं मनायी गयी और न ही राष्ट्रीय अवकाश दिया गया | ऐसे राष्ट्रीयता के प्रतीक विश्व विजयी सम्राट के व्यक्तित्व पर तीखा प्रहार एवं कीचड़ उछाला गया है | भारतीयों एवं विश्व के असंख्यों राष्ट्रप्रेमियों के लिए शर्मनाक, दर्दनाक एवं दुर्भाग्यपूर्ण विषय है ।
वहीं राकेश कुमार सिंह ने कहा कि आइये हम सब मिल कर विश्वभूषण सम्राट अशोक के गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करें ।मौके पर कुमार विपेन्द्र,रणविजय सिंह,कमलेश सिंह,पप्पू कुमार सिंह,माधव सिंह,विनय कुमार सिंह,अरविंद कुमार सिंह,भूपेश कुमार सोनू ,प्रकाश कुमार,सकलदेव सिंह,अभिषेक कुमार,योगेन्द्र सिंह,धर्मेंद्र सिंह, सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।




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