o प्रधानमंत्री ने रुडी को पूरी एहतियात बरतने को कहा
o अन्य देशों की तुलना में भारत में स्थिति बेहतर
o प्रधानमंत्री का एक नवम्बर को छपरा का है कार्यक्रम
o स्टार प्रचारको में रुडी समेत सुशील मोदी, शाहनवाज, मंगल पांडे और प्रभारी महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस संक्रमित

छपरा। 26 अक्टूबर 2020 । प्रधानमंत्री न केवल कुशल राजनीतिज्ञ, सक्षम संगठनकर्ता है बल्कि वे एक बेहद उच्च श्रेणी के व्यक्तित्व है। इस कुशल व्यक्तित्व से मै तब और ज्यादा परिचित हुआ जब उन्होंने पिछले दिन कोरोना संक्रमण से अस्वस्थ होने के बाद मेरा हालचाल जाना। सारण सांसद सह भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव प्रताप रुडी ने उक्त बातें कहते हुए आगे बताया कि वैसी स्थिति में जब बिहार विधानसभा के चुनाव प्रचार का माहौल है और मुझे अस्वस्थ होना पड़ा, बावजूद इसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे प्रोत्साहित करते हुए कोरोना संक्रमण से बचने के साथ ही इसके फैलाव को रोकने का उपाय बताया। सांसद ने कहा कि अमेरिका की आबादी भारत से आधी है। इटली की आबादी हमारे एक राज्य से भी कम है, दुनिया के बाकि देशों में लगभग एक ही प्रकार का रहन-सहन और एक ही प्रकार की सभ्यता-संस्कृति है फिर भी इसके वहां कोरोना संक्रमण तेज गति से फैला और हमारे प्रधानमंत्री जी ने एक अरब तीस करोड़ की इस विशाल आबादी में जहां विविध प्रकार के रहन-सहन और सभ्यता संस्कृति है और यह तेज गति से फैल सकता था, देश की जनसंख्या का घनत्व भी बहुत ज्यादा है, बावजूद इसके उन्होंने इसे नियंत्रित किया। मालूम हो कि बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री 1 नवम्बर को छपरा की जनसभा को संबोधित करेंगे। अस्वस्थ होने के कारण सांसद रुडी मंच पर नहीं होंगे।
रुडी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोनाकाल हमसब के लिए चुनौती भरा समय है जिससे हम निपट रहे है और शीघ्र ही हम इसको पूरी तरह से समाप्त करने में कामयाब होंगे। लेकिन जबतक इसकी औषधी या टिका न आ जाये तबतक देशवासियों को सावधानी रखनी होगी। सांसद ने कहा कि आज मेरे साथ बिहार विधानसभा चुनाव के प्रमुख स्टार प्रचारकों में हमारे अन्य मित्र सुशील कुमार मोदी, शाहनवाज हुसैन, मंगल पांडे भी कोरोना संक्रमित हो गये। कोरोना के अंत समय तक जबतक कि इसका निवारण टीका या औषधि के रूप में सामने न आये तब तक हमसब भारतवासियों को स्वच्छ और सतर्क रहने की जरूरत है। इसके लिए प्रधानमंत्री ने स्वयं जबकि इसकी जरूरत नहीं थी वो सोशल मीडिया के माध्यम से भी अवगत करा सकते थे, बावजूद इसके वह राष्ट्र के नाम संबोधन में हमें सतर्क और आगाह करते रहे है। इसके लिए हम सभी देशवासी उनके ऋणी है। इसके बाद भी जनहित के कार्य में सावधानी को पूरी तरह अंगीकार नहीं कर पाये और अस्वस्थ हो गये। इस महामारी ने हमारे कई साथियों को भी हमसे छीन लिया जिसमें जानेमाने पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी व उत्तर प्रदेश के मंत्री चेतन चौहान जी, भारत सरकार के रेल राज्यमंत्री सुरेश अंगड़ी, बिहार सरकार के मंत्री कपिलदेव कामत जी, विनोद कुमार सिंह जी है। सिर्फ राजनीति के जनसेवक ही नहीं देश के कई अन्य क्षेत्रों के भी लोग इससे संक्रमित हुए और हमेशा के लिए हमसे जुदा हो गये।
सांसद रुडी ने कहा कि आंकड़े के अनुसार अबतक 119014 लोग कोरोना से संक्रमित होकर असमय काल के गाल में समा गये। ऐसी स्थिति में खासकर बिहार और बिहारवासियों के लिए जब वहां तीन चरणों में आम चुनाव है तो समस्त मतदाता, दलों के कार्यकर्ता सहित चुनाव प्रक्रिया में लगे सभी लोगों व प्रचारकों को भी अत्यंत एहतियात और सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को विश्व मे अलग-अलग देशों ने अपने स्तर से फैलने से रोकने का प्रयत्न किया। लेकिन भारत में प्रधानमंत्री के सूझबूझ से इसके तेज फैलाव को हतोत्साहित करने में सफलता मिली। इसका कारण यह था कि समय रहते उन्होंने लॉकडाउन और अन्य प्रतिबंधों का सहारा लिया। इस बीच कुछ व्यक्तियों को व्यक्तिगत रूप से कुछ तकलीफ भी हुई। लेकिन देश की प्रगति में देशवासियों ने अपनी इस तकलीफ को भी हंस कर सहन किया और प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व का समर्थन किया। यही कारण है कि देशवासियों का निरंतर सहयोग प्रधानमंत्री जी को मिलता रहा और हम इसके तेज फैलाव को रोकने में सफल हुए। कोरोनाकाल में प्रधानमंत्री नें हाल ही मे सातवीं बार 20 अक्टूबर को राष्ट्र के नाम दिये अपने संबोधन में देशवासियों को आगाह किया है कि हम सतर्क रहे, मास्क का प्रयोग करें, हाथ धोते रहे और साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखें। प्रधानमंत्री ने पूर्व में जो स्वच्छता अभियान चलाया था उसका भी प्रभाव है कि भारत में इसका संक्रमण कम से कम हुआ।
यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आगाह किया है कि अभी हमें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है और शीघ्र ही इसके निवारण के लिए स्वदेशी टीका और औषधि सामने आ रहा है तब तक हमें अन्य वैकल्पिक माध्यमों से स्वस्थ रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा था कि बीते 7-8 महीनों में, प्रत्येक भारतीय के प्रयास से, भारत आज जिस संभली हुई स्थिति में हैं, हमें उसे बिगड़ने नहीं देना है। आज अमेरिका हो, या फिर यूरोप के दूसरे देश, इन देशों में कोरोना के मामले कम हो रहे थे, लेकिन अचानक से फिर बढ़ने लगे। पर हमारे देश में रिकवरी रेट अच्छी है, फैटेलिटी रेट कम है। दुनिया के साधन-संपन्न देशों की तुलना में भारत अपने ज्यादा से ज्यादा नागरिकों का जीवन बचाने में सफल हो रहा है। कोविड महामारी के खिलाफ लड़ाई में टेस्ट की बढ़ती संख्या हमारी एक बड़ी ताकत रही है।




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