*अपने अजीबो-गरीब कारनामों के लिए बदनाम रहा है सीवान के यह स्कूल*
✍कुमार विपेंद्र/अख़लाक़ अहमद
सीवान : पचरूखी प्रखंड क्षेत्र के लोगों में एक कहावत कही जाती है कि जिस तरह भारत में कश्मीर एक नासूर की तरह है उसी तरह पचरूखी में मध्य विद्यालय सुरवाला है।यहाँ पर कोई अधिकारी-पदाधिकारी निरीक्षण करना नहीं चाहता है।शिकायतें मिलती है लेकिन शिकायतें पर जांच नहीं कराकर फाईल को दबा दिया जाता है।सूत्रों का कहना है कि केवल यहाँ कि छात्रोपस्थिति पंजी और मध्याह्न भोजन की जांच करा ली जाए तो लाखों रूपये का घोटाला सामने आएगा।इस घोटाले में विद्यालय शिक्षा समिति के सचिव की भूमिका भी संदिग्ध है।
विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष हसरत हुसैन का कहना है कि यहाँ पर प्रत्येक मद में भ्रष्टाचार है।जहाँ प्रत्येक माह विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक होनी चाहिए।आज तक कभी भी बैठक नहीं हुई है।सारा कुछ कागज में होता है।छात्रवृत्ति-पोशाक राशि में जमकर गबन किया गया है।विद्यालय विकास और विद्यालय रख रखाव एवं मरम्मती मद का पैसा क्या होता है।कुछ पता नहीं चलता।ऐसा नहीं है कि अधिकारीगण को इसकी जानकारी नहीं है।है पंरतु कुछ होता नहीं है।

*एक नजर छात्रों की उपस्थिति पर…*
संकुल समन्यवयक राकेश कुमार सिंह के अनुसार —
8 मई -कुल छात्र 445 उपस्थित 148
17 मई बीईओ के निरीक्षण में छात्रों की संख्या बताई 720 ,नामांकन 454 उपस्थित 241
18 मई कुल नामांकन 533 (एक दिन में 79 नामांकन बढ़ा) उपस्थित 259
19 मई कुल नामांकन 631( कुल 98 नामांकन किया गया) उपस्थित 243
20 मई कुल नामांकन 631 उपस्थित 259
ताज्जुब कि बात यह है कि दो दिनों में प्रधानाध्यापक सुनील कुमार यादव के निर्देश पर शारीरिक शिक्षक संजय कुमार शर्मा ने 157 नामांकन किए परंतु किसी के माता-पिता का पता नहीं है।इससे भी बड़ी बात यह है कि 19 और 20 मई को प्रधानाध्यापक सुनील कुमार यादव विद्यालय में उपस्थित नहीं थे।शिक्षक उपस्थित पंजी को देखने से यह स्पष्ट होता है कि इनका कालम रिक्त रखा गया था।ताकि बाद में ये अपनी हाजिरी बना लें।

*एक नजर यहाँ बने कमरों पर…*
कुल 17 कमरें हैं।जिसमें से मात्र 10 में ही पढ़ाई हो पाती है।इसमें से 14 कमरे बहुत ही अच्छी स्थिति में हैं।11 कमरे पांच वर्ष के अंदर बने हैं।
शौचालय :- प्रधानमंत्री स्वच्छता अभियान के तहत बन रहे शौचालय की सामग्री संबंधित मजदूर और ठेकेदार अधूरा निर्माण कर छोड़ गये थे।जिसको विद्यालय से गायब कर दिया गया।
मध्याह्न भोजन पदाधिकारी ने दिए हैं रिकवरी ओर वेतन बंद करने का आदेश
जिला मध्याह्न भोजन पदाधिकारी संघमित्रा वर्मा ने प्रधानाध्यापक के मध्याह्न भोजन में धांधली को लेकर 50 हजार रुपया रिकवरी का आदेश निर्गत किया है।पत्र नहीं लेने के कारण वेतन बंद करने का आदेश भी जारी हुआ है।वैसे अध्यक्ष हसरत हुसैन इसे नाकाफी मानते हैं।इनका कहना है कि जो एच एम एक माह में एमडीएम में 50 -60 हजार की अनियमितता करता है उसके पूरे कार्यकाल की जांच कर रिकवरी हो।
आडिट नहीं कराने को लेकर भी निकल चुका है पत्र
जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर बीईओ पचरूखी ने प्रधानाध्यापक को अंतिम चेतावनी देते हुए 15 जून तक सारे कागजात सौंपने के आदेश दिए हैं।
एमडीएम प्रभारी ने निरीक्षण में पायी व्यापक अनियमितता
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जी बी नगर थाना तरवारा क्षेत्र के मध्य विद्यालय सुरवाला में सोमवार को एमडीएम प्रभारी आशा कुमारी का औचक निरीक्षण हुआ।निरीक्षण में नामांकित 630 छात्रों की जगह मात्र 104 छात्र ही उपस्थित थे।ना मध्याह्न भोजन बना था और ही ना ही मध्याह्न भोजन पंजी ही विद्यालय में थी।मौके पर उपस्थित अध्यक्ष हसरत हुसैन ने बताया कि इस विद्यालय में व्यापक तौर पर अनियमितता होती आ रही है।सारी जानकारी के बावजूद अधिकारी कोई कारवाई नहीं कर रहे हैं।





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