एकमा (सारण)। शिक्षा विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों की उदासीनता के चलते प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में अनुकंपा के आधार पर और जिला शिक्षक नियोजन अपीलीय प्राधिकार के आदेश के अनुपालन के तहत नियोजित शिक्षकों के वेतन का भुगतान दो वर्षों से अधिक अवधि गुजर जाने के बाद भी शुरुआत नहीं हो सकी है। जिसके चलते ऐसे शिक्षकों के परिजन भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। वहीं पत्नी व बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा व भरण-पोषण आदि की समस्याओं से जूझ पड़ रहा है।
शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना के आदेश पत्र के अनुपालन में प्रखंड नियोजन समिति एकमा की बैठक के बाद जारी नियोजन पत्र के आधार पर एकमा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय गौसपुर में अनुकंपा के आधार पर प्रखंड शिक्षक के पद पर कमल कुमार सिंह ने बीते 12 दिसंबर 2018 को अपना योगदान किया।
तब से लेकर अभी तक लगातार अपने शिक्षण सेवाएं दे रहे हैं। इस दौरान हर महीने अनुपस्थिति विवरणी बीआरसी के माध्यम से विभाग को भेजी जा रही है। बावजूद इसके अभी तक वेतन का भुगतान शुरू नहीं कराया जा सका है।
इस बीच प्रखंड विकास पदाधिकारी एकमा की ओर से भी वेतन भुगतान कराए जाने से संबंधित पत्राचार जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना के अलावा जिलाधिकारी को भी पूर्व में अलग-अलग पत्र प्रेषित किया जा चुका है। अनुकंपा पर बहाल उक्त शिक्षक की ओर से भी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना को कई बार लिखित आवेदन पत्र देकर वेतन भुगतान कराए जाने का आग्रह किया जा चुका है।
वहीं जिला अपीलीय प्राधिकार के आदेश के अनुपालन में प्रखंड नियोजन समिति एकमा की ओर से ओम प्रकाश प्रसाद, विनय कुमार सिंह व मुकेश कुमार का नियोजन अलग-अलग विद्यालयों में नियोजन हुआ है। इनके नियोजन के भी दो साल से अधिक का वक्त गुजर जाने के बाद भी इन नियोजित शिक्षकों का वेतन भुगतान अभी तक शुरू नहीं किया जा सका है। सभी नियोजित शिक्षकगण वेतन भुगतान नहीं होने से आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं। सभी नियोजित शिक्षकों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारियों से वेतन भुगतान कराए जाने का आग्रह किया है।

नियोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान नहीं होने का मुद्दा सदन में उठाएंगे जनप्रतिनिधि:

एकमा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय गौसपुर में अनुकंपा के आधार पर नियोजित शिक्षक कमल कुमार सिंह के वेतन भुगतान बाधित करने के कारण आर्थिक संकट से गुजर रहे शिक्षक व उनके परिजनों का मुद्दा अब बिहार विधान सभा और बिहार विधान परिषद में भी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रश्नकाल के दौरान उठाए जाने की बात कही है।
एकमा के विधायक श्रीकांत यादव व विधान पार्षद डॉ वीरेंद्र नारायण यादव ने वेतन भुगतान नहीं शुरू कराए जाने के मामले में अपनी कड़ी नाराजगी जताई है।
विधान पार्षद डॉ यादव ने सदन में प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाए जाने की बात कही है। वहीं उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना को वेतन भुगतान शीघ्र शुरू करने के लिए निर्देशित भी किया है।

अनुकंपा के आधार पर नियोजित शिक्षकों के प्रशैक्षणिक योग्यताओं की शर्तों में छूट का है प्रावधान:

एमएलसी डॉ वीरेंद्र नारायण यादव ने शिक्षण संस्थानों के भ्रमण के दौरान बताया कि हाईकोर्ट व शिक्षा विभाग की ओर से अनुकंपा के आधार पर नियोजित शिक्षकों की प्रशैक्षणिक योग्यताओं में अप्रैल 2019 के पहले नियोजन की शर्तों में छूट संबंधी प्रावधान का आदेश पत्र भी जारी किया गया है। बावजूद इसके प्रशिक्षित अनुकंपा के आधार पर नियोजित शिक्षक कमल कुमार सिंह का वेतन भुगतान शुरू नहीं किया जाना शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की मनमानीपूर्ण कार्यशैली का परिचालक है।

अनुकंपा पर नियोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान में दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप:

उल्लेखनीय है कि सारण जिले में अनुकंपा के आधार पर नियोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान में दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। आरोप है कि उक्त नियोजित शिक्षक के नियोजन के कुछ माह पहले व कुछ माह बाद भी नियोजित शिक्षकों का वेतन भुगतान शिक्षा विभाग द्वारा जिले में किया जा रहा है। जबकि श्री सिंह के वेतन भुगतान शुरुआत करने की दिशा में दो साल से विभागीय अधिकारी नियम व प्रावधानों का हवाला देकर लगातार टालमटोल की नीति अपना रहे हैं।

अनुकंपा के आधार नियोजित शिक्षकों का डीपीओ स्थापना द्वारा पूर्व जमा कराया जा चुका है विवरण:

शिक्षा विभाग द्वारा जिले भर के अनुकंपा के आधार पर विभिन्न नियोजन इकाइयों द्वारा वर्ष 2015 के बाद बहाल किए गए नियोजित शिक्षकों के नियोजन संबंधी सभी आवश्यक विवरण सभी बीईओ के माध्यम से बीते कुछ माह पूर्व जिला स्तरीय शिक्षा विभाग के कार्यालय में जमा कराया जा चुका है। इसके तहत ऐसे नियोजित शिक्षकों की वेतन भुगतान होने और नहीं होने की जानकारी भी मांग कर अपने पास जमा करायी जा चुकी है। वहीं उनके शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक योग्यताओं की छाया प्रतियों को भी बीईओ के माध्यम से डीपीओ स्थापना के कार्यालय में जमा कराया जा चुका है। बावजूद इसके जिले में ऐसे और भी नियोजित शिक्षक हैं, जिन्हें अपने वेतन भुगतान शुरुआत होने का इंतजार है।

क्या कहते हैं अधिकारी:

“अनुकंपा के आधार पर व अपीलीय प्राधिकार के तहत बहाल किए गए प्रखंड नियोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान शुरू कराए जाने से संबंधित पत्र संबंधित अधिकारियों को मेरे द्वारा पूर्व में लिखा जा चुका है।”

  • डॉ. कुन्दन,
    बीडीओ, एकमा

“अनुकंपा के आधार पर व जिला अपीलीय प्राधिकार के तहत नियोजित प्रखंड शिक्षकों के वेतन भुगतान करने के संबंध में मेरे द्वारा डीपीओ, स्थापना, सारण से मार्गदर्शन मांगा गया है। लेकिन मार्गदर्शन का इंतजार है। मार्गदर्शन मिलते ही नियमानुसार वेतन भुगतान शुरू कराया जाएगा।”

  • रागिनी कुमारी,
    बीईओ, एकमा