सारण: मढ़ौरा रेल डीजल फैक्ट्री में फिर से लौटी रौनक, रफ्तार पकड़ने में लगेगा दो दिन का समय
⏩ स्थानीय किसानों ने रोक दिया था काम,डीएम ने पहल की तो शनिवार से शुरू हुआ काम
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दैनिक खोज खबर ब्यूरो,सारण
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मढ़ौरा (सारण)
ताल पुरैना में बन रही रेल डीजल इंजन कारखाना में पांच दिन की बंदी के बाद शनिवार से रौनक लौट आई I निर्माण स्थल पर निर्माण कर्मी के कामगारऔर अधिकारियों ने पहुंच कर फिर काम संभाल लिया और काम को पूरा करने जुट गए I हालांकि काम का स्पीड कम रहा लेकिन काम के शुरू हो जाने का सुकून निर्माण कंपनी के अधिकारी और ग्रामीण दोनों में दिखा I फैक्ट्री का निर्माण करा रही अमेरिकी कम्पनी जीई और उसकी सहयोगी एसपीसीएल दोनों ने माना कि पांच दिन काम बंद कराने ने काम के स्पीड पर असर पड़ा है लेकिन अगले दो दिन में सब कुछ सामान्य हो जायेगा I बता दे कि रेल फैक्ट्री के जमीन के मुवाबजा भुगतान में बने अवरोध से नाराज किसान किसानों ने फैक्ट्री का निर्माण कार्य बंद करा दिया I किसान इस बार आर पार के मुड में आ गए थे,इस बीच किसानों से अधिकारियों की कई दौड़ की बातचीत विफल हो चुकी थी I पांच दिन में छपरा एडीएम,मढ़ौरा एसडीओ,सीओ अपने साथ जीई के अधिकारी केएन झा,एसपीसीएल के अनन्यो मित्रा के साथ किसानों से बार बार बात कर समाधान निकालने का प्रयास किया था I स्थिति को गंभीर देख किसानों से बात करने डीएम हरिहर प्रसाद और एसपीअनसुईया रण सिंह साहू खुद से पहुंचे I डीएम ने मौके पर मुवाबजा से सम्बंधित सभी तथ्यों पर बात कर समाधान की बात कही I डीएम की स्पष्टवादिता से प्रभावित किसानों ने अपनी रोक हटा ली और शनिवार से निर्माण कार्य चालू हो गया I
⏩किसानों को रेल निर्माण फैक्ट्री में रोजगार के मुद्दे पर नहीं मिल सका स्पष्ट जबाब 👉
किसानों ने पांचवे दिन रेल फैक्ट्री निर्माण पर अपनी रोक डीएम और एसपी से मिले आश्वासन पर हाटा ली थी I विरोध के मुद्दों में मुवाबजा के साथ स्थानीय लोगो का रेल निर्माण फैक्ट्री में काम और रोजगार का मुद्दा भी प्रमुख था I लेकिन किसानों के तरफ से कई लोगो की नेतागिरी के कारण यह मुद्दा प्रभावी ढंग से सामने नहीं आ सका Iजो किसान डीएम के समक्ष इस समस्या की रखे भी तो उनका तरीका सही नहीं रहा,जो डीएम को ही नागावार लगा Iस्थानीय लोगो में यह मुख्य मांग में शामिल था लेकिन इस मुद्दे पर कुछ का लोग दबाव बनाना चाह रहे थे जिससे एक बार डीएम आक्रामक भी हुए फिर बाद में नरम रुख अपनाते हुए लोगो को बखूबी समझा भी लिया I हालांकि डीएम ने जाते जाते निर्माण कंपनी को इस तथ्य पर विचार करने की भी बात कही है I इससे डीएम ने स्थानीय युवा,बेरोजगार में रेल फैक्ट्री में काम मिलने की उमिंद भी जगा गए है I
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साभार – संजीव कुमार (दैनिक भास्कर,मढ़ौरा)




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