कुख्यात अपराधी बब्लू दूबे की हत्या, पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवाल

चंपारण के आतंक के रूप में जाना जाने वाले बबलू पर 50 से ज्यादा अपहरण, हत्या और लूट के मामले दर्ज थे। जेल में रहते हुए बबलू ने नेपाल के बड़े व्यवसायी सुरेश केडिया का अपहरण कर लिया था।
•पश्चिम चम्पारण ब्यूरो प्रमुख दुर्गा दत्त पाठक के साथ अतुल कश्यप की रिपोर्ट:- कुख्यात बब्लू दूबे पूर्वी चंपारण के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के सिसवा खरार गांव का रहने वाला था। पट्टीदारों के साथ जमीनी विवाद के बाद वह अपराध के रास्ते पर निकला था और अंडरवर्ल्ड में उसकी पहचान एक कुख्यात अपराधी के रुप में थी। बब्लू दूबे के खिलाफ पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर एवं गोपालगंज जिले के कई थानों में करीब तीन दर्जन मामले दर्ज हैं। दूबे पर दर्ज ज्यादातर मामले रंगदारी, लूट, हत्या और अपहरण से संबंधित हैं।
•संतोष झा के साथ एके-47 को लेकर हुआ था विवाद:-बब्लू कभी कुख्यात संतोष झा का शागिर्द हुआ करता था। बाद के दिनों में एके-47 रायफल को लेकर संतोष झा से उसका मनमुटाव हुआ और उसने अपना गैंग बना लिया। वह हमेशा नई घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती देते रहता था। लेकिन कहते हैं ना अपराधी चाहे कितना भी शातिर हो वो कानून से बच नहीं सकता है। साल 2013 में नेपाल सीमावर्ती आदापुर थाना क्षेत्र से बब्लू दूबे को गिरफ्तार कर लिया गया। वो नेपाल भागने के फिराक में था। वर्तमान मे बेतिया एसपी विनय कुमार ने ही मोतिहारी एसपी रहने के दौरान गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह केन्द्रीय कारा मोतिहारी में बंद था।
•नेपाल में ही शादी की थी बब्लू दूबे ने:-कुख्यात दूबे की हत्या की खबर मिलते ही उसके सिसवा खरार स्थित पैतृक आवास पर मातमी सन्नाटा पसर गया। वहां कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है। बब्लू दूबे ने नेपाल में ही शादी किया था और उसे एक बेटा भी है। नेपाल में उसने कई धंधे में पैसा लगा रखा है।
•पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे सवाल:-बता दें कि बेतिया कोर्ट में बबलू दूबे की हत्या से पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्पेशल सुरक्षा में कोर्ट में पेशी के लिए आए बबलू पर जब हमला हुआ पुलिस उनसे दूर खड़ी थी। जबकि पुलिस को अपने घेरे में बबलू को लेकर पेशी के लिए जाने के निर्देश दिए गए थे। हमलावर बबलू पर हमला कर फरार हो गए, लेकिन पुलिस की ओर से एक गोली भी हमलावरों पर नहीं चलायी गयी। एसपी बेतिया ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि भगदड़ नहीं मच जाए इस कारण पुलिस ने गोली नहीं चलायी।
•पुलिस की मिली भगत पर भड़के एसपी:-हत्या में पुलिस की मिली भगत पर एसपी बेतिया विनय कुमार भड़क गए। एसपी ने कहा ऐसा नहीं है। आरोप तो मेरे ऊपर भी लग सकते हैं। मैंने ही उसे 2013 में गिरफ्तार किया था। बहरहाल पुलिस इसपर अपनी जो सफाई दे, स्थानीय लोग इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़ा कर रहे हैं।
•जवाहर साह के मामले की पेशी पर कोर्ट आया था बब्लू:-बबलू को मझौलिया के अहवर शेख के मुखिया जवाहर साह की हत्या के मामले में आज कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। पुलिस को अशंका है कि जवाहर साह के समर्थकों की ओर से ही उस पर हमला किया गया होगा। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही सच सामने आयेगा।
•जेल में आपस में भिड़े थे दो गुट:-बबलू दूबे की हत्या की सूचना मिलने के बाद मोतिहारी जेल में दो गुट में मारपीट की जानकारी मिली है। लेकिन पुलिस का कहना है कि जेल में ऐसी कोई घटना नहीं हुई। बबलू दूबे मोतिहारी का रहने वाला था। इस कारण उसके समर्थक किसी प्रकार का उत्पात नहीं मचाये, इसलिए सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है।
•2013 में किया गया था गिरफ्तार:-बेतिया एसपी विनय कुमार ने मोतिहारी एसपी रहते हुए बबलू दूबे को नेपाल से गिरफ्तार किया था। बबलू पर हत्या अपहरण और रंगदारी के करीब 50 से ज्यादा मामला दर्ज हैं। पुलिस बबलू दूबे को चंपारण का आतंक मानती थी। गिरफ्तारी के बाद बबलू जेल में रहते हुए कई अपहरण को निरंतर अंजाम दे रही था। इससे चंपारण में अपराध का ग्राफ निरंतर बढ़ता जा रहा था।
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