
परसा(सारण)। गत 23 मार्च को हैदराबाद में कबाड़ गोदाम में हुई अगलगी की घटना में छपरा के परसा थाना क्षेत्र के चांदपुरा पंचायत के आजमपुर के एक युवक का जलने से मौत हो गया था।दूसरा भाई बुरी तरह झुलस गया था।जिसका उपचार हैदराबाद में चल रहा था।शनिवार को उपचार के दौरान दूसरा युवक ने दम तोड़ दिया।मृतक आजमपुर गाँव निवासी राधा किशुन राम का अविवाहित 18 बर्षीय पुत्र प्रेम कुमार बताया जाता है।मौत की खबर मिलते ही पिता राधा किशुन राम,माता सुनीता देवी,बहन ऋतु कुमारी,नेहा कुमारी,मुन्नी कुमारी भाई अंकुश कुमार तथा अंकित कुमार के बीच चीख पुकार से गाँव में मातम छा गया।चीख पुकार की आवाज सुन देखने पहुँचे सभी ग्रामीणों की आँखे नम हो गई।मौत की खबर मिलते ही मुखिया अभय कुमार गुड्डू पहुँच परिजनो से मुलकात कर घटना की जनकारी लिया तथा परिजनों को सांत्वना दिया।वही मुखिया ने दूरभाष पर मौत संबंधित पूर्ण जनकारी लिया।और परिजनो को हर संभव मदद करने का आश्वसन दिया।
एक भाई का जलने से 23 मार्च को ही हो चुका था मौत
हैदराबाद के कबाड़ की गोदाम में हुई भीष्म अगलगी में सारण जिले के आठ मजदूरों में से एक भाई का मौत हो गई थी।दूसरा भाई छत से कूदकर जान बचाने में बुरी तरह झुलस गया था।जिसका उपचार के दौरान हैदराबाद में शनिवार को मौत हो गई।पिता ने बताया कि अगलगी के दौरान एक पुत्र की अगलगी की चपेट में आने से जलकर मौत हो गई थी।दूसरा पुत्र छत से कूदकर जान बचाने की प्रयास किया।लेकिन आग की लपट इतनी तेज था कि बुरी तरह झुलस गया।गंभीर स्थिति में उसे उपचार के लिए हैदराबाद में भर्ती कराया गया।जहां उपचार के दौरान 24 दिन बाद पुत्र के दम तोड़ने की बात बताया।
जून माह में बहन की होनी थी शादी
मृतक दोनों युवक की बहन ऋतु कुमारी की शादी करने के लिए हैदराबाद मजदूरी करने एक साथ गया था।जहाँ एक ही कबाड़ की गोदाम में दोनों काम करता था।बहन की शादी की सपनो लेकर प्रदेश कमाने गए दोनों भाई की अरमान अधूरी रह रह गई।बहन की सपना पूरा नही कर सके दोनों भाई।आगामी 9 जून को तिलक तथा 13 जून को शादी का दिन तय हुआ था।दोनों भाई होली में न आकर बहन की शादी में आने का परिजनों से वादा किया था।लेकिन किस्मत ने शादी के पूर्व दोनों की शव को घर भेज दिया।
दो पुत्र की मौत के बाद पिता के कंधे पर परिवार की पालन पोषण की जिम्मेवारी
दो पुत्रों की एक ही घटना में हुई मौत के बाद बृद्ध पिता राधा किशुन राम की कंधे पर परिवार की पालन पोषण की जिम्मेवारी आ गई है।मृतक चार भाई तथा तीन बहन में दोनों बड़ा था।जिसके कमाने से माता पिता तथा सभी भाई बहन का पालन पोषण होता था।दोनों भाई के मौत होने से छोटे दो भाई तथा तीन की पढ़ाई,शादी तथा खान पान कैसे होगा।इसकी चिंता माता पिता को सताने लगी है।




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