हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का डाटा अपलोडिंग में सारण जिले को 16वां रैंक
 एनसीडी पोर्टल पर तेजी से हो रहा है डाटा अपलोड
 सभी एएनएम को दिया गया है टैब
 पिछले बार की तुलना में इस बार मिला बेहतर रैंक

छपरा/ 12 दिसम्बर: हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के डाटा अपलोडिंग में जिले ने पूरे राज्य में 16वां रैंक हासिल किया है। पिछले बार की तुलना में इस बार डाटा अपलोडिंग में जिला ने बेहतर प्रदर्शन कार्य किया है।
सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने बताया जिले में 15 स्थानों पर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर चल रहा है। जिसमें नॉन कम्यूनिकेबल डीजीज के मरीजों का इलाज किया जाता है और उसका डाटा एनसीडी पोर्टल पर अपलोड करना होता है। जिसमें पिछले साल की तुलना में इस बार सारण जिला ने बेहतर प्रदर्शन किया है। पिछले बार डाटा अपलोडिंग में सारण 36वां स्थान पर था। इस बार के रैंकिंग में सारण को 16वां स्थान प्राप्त हुआ है। इसके लिए सभी एएनएम को टैब दिया गया है। साथ ही साथ उन्हें टैब चलाने तथा डाटा अपलोड करने के लिए ट्रेनिंग भी दी गयी है। टैब मिलने के बाद से कार्य करने में सहूलियत हुई है।
रजिस्टर संभालने से मुक्ति :
जिला स्वास्थ्य समिति के एमएनई भानू शर्मा ने बताया स्वास्थ्य योजनाओं की गाँव में क्या-क्या प्रगति हो रही है इसकी एक रिपोर्ट एएनएम बनाती है। इस पूरी रिपोर्ट को एक रजिस्टर में दर्ज कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपा जाता था। इस पूरी प्रक्रिया में समय लगता था । टेबलेट में ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन डाटा दर्ज करने की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे एएनएम को अधिक सुविधा हुयी है. अब एएनएम को मैन्युअली डाटा नहीं भरना पड़ रहा है, जिससे वह अपना अधिक समय अपने मुख्य कार्य को दे पा रही है.
टैबलेट में दर्ज होती सारी जानकारी:
यह योजना ब्लड प्रेशर, शुगर तथा कैंसर जैसी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए काफ़ी कारगर साबित हो रहा है. हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरों पर उनका फैमिली फोल्डर बनाया जाता है । जन आरोग्य प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरों में उसके पोषक क्षेत्र के परिवारों की फैमिली फोल्डर तैयार की जाएगी और रखा जाता है। इससे पीड़ित परिवारों का पूरा ब्योरा आसानी से उपलब्ध हो पा रहा है.
आशा को फेमिली हेल्थ फोल्डर बनाने की जिम्मेदारी:
समुदाय स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं द्वारा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर क्षेत्र के सभी लोगों का सर्वेक्षण किया जाता है। सभी परिवारों के लिए फेमिली हेल्थ फोल्डर बनाया जाता है, जिसमें 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी स्त्री-पुरुष का सीबैक (कम्युनिटी बेस्ड असेसमेंट चेकलिस्ट) फार्म के जरिए गैर संचारी रोगों हेतु रिस्क असेसमेंट किया जाता है।