सिवान :खानकाह में उर्स के अंतिम दिन सभी मजार शरीफ पर चादरपोशी व कुल शरीफ के बाद समापन हुआ

#परवेज़ अख्तर/सिवान:शहर के स्टेशन रोड स्थित ख़ानक़ाह अमजदिया शरीफ हिन्दू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है। यहाँ सभी धर्मों के लोग अपने श्रद्धा से शामिल होकर मन्नते मानते हैं। 130 वाँ सालाना उर्स के अंतिम दिन बुधवार की सुबह सभी मजार शरीफ पर गुशल व कुल शरीफ के बाद समापन हुआ। मंगलवार की रात नौ बजे सूफियाना कौव्वाली के साथ ख़ानक़ाह स्थित हजरत सैयद शाह तसद्दुक अली रह.(पर वाले बाबा), हकीम हजरत सैयद खुर्शीद अली रह., हजरत सैयद सगीर अहमद रह. के मजार शरीफ पर चादरपोशी हुई। इसके बाद देर रात तक महफिले समा का आयोजन हुआ फिर रात दो बजे कुल (फातेहा) व महफिलेखास का आयोजन हुआ। 4 अप्रैल को बाद नमाजे फज्र हजरत सैयद अमजद अली रजि. समेत उक्त सभी मज़ार शरीफ पर ग़ुस्ल शरीफ का आयोजन हुआ। सुबह 7 बजे कुल शरीफ के बाद प्रोग्राम का समापन हुवा। ख़ानक़ाह में काफी संख्या में अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ी थी महिलाओं की संख्या भी अधिक थी। बंगाल, यूपी, बिहार व सिवान के कौव्वालो ने सूफियाना कलाम पेश कर लोगो को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस मौके पर डॉ इल्तेफात अमजदी, तनवीर अमजदी, बरकत अली, फारूक सिवानी, कांग्रेस नेता सैयद मोहिउद्दीन ललन, इक़बाल अहमद, नसीम अख्तर, डॉ ज़ाहिद सिवानी, शकील अहमद, गुलाम हुसैन, नईमुद्दीन अहमद, परवेज आलम, कमाले फारूक, मो वासिल परवेज, ज़ाहिद परवेज, शाहिद अली सिद्दीकी, अहमद अली अमजदी, डॉ नैय्यर, डॉ असद, फिरोज अहमद, आजाद, सोनू, शमशाद अली, शमशाद अली, गुड्डू, छोटे, डॉ रिज़वान,मो.आरिफ, भोला बाबा, यूनुस परवेज, नेहाल अहमद, खैरातू, मो कयूम, नज़रे इमाम, सोनू, मो आरिफ, मो अनवर, मो अख्तर, मो सुलेमान, नन्हे, मोख्तार, फिरोज अहमद, लड्डन समेत काफी संख्या में अकीदतमंद शामिल थे।