
पूर्णिया: बिहार में पुलिसिंग का दायरा अब तेजी से डिजिटल हो चुका है, लेकिन इसके साथ ही मैदानी स्तर पर पुलिसकर्मियों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है। इसे देखते हुए बिहार पुलिस एसोसिएशन ने राज्य के सभी पुलिस पदाधिकारियों के लिए निश्चित मासिक मोबाइल और इंटरनेट डेटा भत्ता दिए जाने की पुरजोर मांग उठाई है। एसोसिएशन की पूर्णिया जिला शाखा ने इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष को आधिकारिक पत्र भेजा है।
डिजिटल पुलिसिंग और बढ़ती जरूरतें
- अनिवार्य हुआ इंटरनेट: अनुसंधान कार्यों, घटनास्थल की लाइव वीडियोग्राफी, और डिजिटल पोर्टल जैसे सीसीटीएनएस (CCTNS) तथा आईसीजेएस (ICJS) के संचालन के लिए अब हर समय हाई-स्पीड इंटरनेट की आवश्यकता होती है।
- वेतन से हो रहा खर्च: हालांकि सरकार की तरफ से स्मार्टफोन और लैपटॉप खरीदने के लिए व्यवस्था दी गई है, लेकिन मोबाइल रिचार्ज और इंटरनेट डेटा पैक के नियमित खर्च के लिए कोई निश्चित भत्ता नहीं मिलता है।
- आर्थिक बोझ: चौबीस घंटे की कठिन कार्यप्रणाली के बीच पुलिस अधिकारियों को अपनी जेब यानी मूल वेतन से ही इन जरूरी खर्चों का भुगतान करना पड़ रहा है। डेटा भत्ता मिलने से इस अतिरिक्त आर्थिक दबाव से राहत मिलेगी।
संगठनात्मक विस्तार और नए मनोनयन
जिला शाखा द्वारा भेजे गए पत्र में प्रशासनिक मांगों के साथ-साथ संगठन को मजबूत करने के लिए नए पदाधिकारियों के मनोनयन की भी स्वीकृति मांगी गई है:
- संजीव पासवान: इन्हें बिहार पुलिस एसोसिएशन की पूर्णिया जिला शाखा में उपाध्यक्ष-द्वितीय के पद पर मनोनीत किया गया है।
- पप्पू कुमार: इन्हें पूर्णिया क्षेत्र के अंतर्गत क्षेत्रीय मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
संगठन का मानना है कि इन नई नियुक्तियों से पुलिस अधिकारियों के हक और उनकी व्यावहारिक समस्याओं को उच्च स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाने में और अधिक मदद मिलेगी।





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