सिवान :अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए कार्यपालक सहायक
#रिपोर्ट -परवेज अख्तर /सिवान
सीवान :अपनी मांगों के समर्थन में कार्यपालक सहायकों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से कलेक्ट्रेट समेत अन्य विभागों में सोमवार से कामकाज बाधित हो गया। पांच सूत्री मांगों के पक्ष में आवाज उठाते हुए कार्यपालक सहायकों ने कलेक्ट्रेट के समक्ष धरना दिया, तो साथ ही हक की आवाज भी बुलंद की। धरना में अपनी बात रखते हुए जिलाध्यक्ष अभिषेक तिवारी ने सरकार को चेतावनी दी कि जब-तक उनकी मांगें सुनी नहीं जाती हड़ताल जारी रहेगी। कहा कि सरकार कार्यपालक सहायकों का शोषण कर रही है। कार्यपालक सहायकों की सेवा नियमित करने के साथ ही सेवा शर्त का निर्धारण करने, कार्य से हटाए जा रहे कार्यपालक सहायकों का पुन: समायोजन करने व आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमा को वापस लेने की मांग की गई। जिले में कार्यपालक सहायकों के हड़ताल पर जाने से प्रखंड व अनुमंडल कार्यालय के साथ ही विभिन्न कार्यालय में कार्य ठप रहे। सबसे अधिक असर आरटीपीएस, रजिस्ट्री कचहरी, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, आपूर्ति, विद्युत, लोक शिकायत निवारण, नगर परिषद व नगर पंचायत के साथ ही मनरेगा पर पड़ा।
अलबत्ता धरने में विवेक मिश्र, मनोज भगत, संदीप कुमार, विष्णु, विशाल शर्मा, गोविन्द कुमार, रणजीत पांडेय, पिंकी कुमारी, रिंकू कुमारी, शोभा, अमृता, नेहा, सुमन, इफत जहां, सपना, प्रिया रानी, शिल्पी, याशिका, अंजलि, सोनाली, सुजाता श्रीवास्तव, मधु, नेहा श्रीवास्तव, धनंजय पाठक, अशोक राम, विवेक कुमार, वरुण रजक, अमित पांडेय, रणजीत पांडेय, अकीबुल, अनुराग, सचिन, राकेश सिंह, विनय, बबलू, रणजीत शर्मा, मुकेश कुमार सिटू, कमलेश व शैलेश मौजूद थे।
#जिले में पहले ही दिन नहीं जमा हुए पांच हजार आवेदन-
कार्यपालक सहायकों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से एक प्रखंड कार्यालय ढाई से तीन सौ आवेदन जमा नहीं हुए, जबकि जिले भर में पांच हजार के करीब आवेदन जमा नहीं किए जा सके। बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ के आहृान पर कार्यपालक सहायक हड़ताल पर सोमवार से हैं। सबसे बड़ी परेशानी इंदिरा आवास के लक्ष्य को पूरा करने में होगा जिसे 31 मार्च तक पूरा कर लेना है। साथ ही कार्यपालक सहायकों द्वारा संचालित होने वाले लोक सेवा अधिकार अधिनियम के तहत जाति, निवास, आय, जन वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि व आत्मा समेत सरकार की कई सारी महत्वपूर्ण योजनाओं के निष्पादन में रुकावटें आयेंगी।