सारण जिले में बालू का संकट गहराया, मचा हाहाकार
#7500-8000 रुपये प्रति सौ सीएफटी की दर से बिक रहा है बालू,बालू संकट से पक्का निर्माण कार्य पर लगा ग्रहण,जारी है बालू का अबैध खनन ।
#हरि किशोर सिंह
मशरक (सारण )
मशरक प्रखंड से लेकर छपरा जिले में बालू का संकट गहरा गया है। बालू की किल्लत से हाहाकार मच गया है। बालू की मुहमांगी कीमत से विभाग के बालू आपूर्ति के दावों की हवा निकल रही है।
जबकि जिला खनन विभाग द्वारा पिछले दिनों बालू आपूर्ति का दावा किया गया था। सरकारी स्तर पर बालू की आपूर्ति ठप रहने से जहां आशियाना बनाने का सपना पाले लोगों की नींद उड़ा दी है।
7500-8000 रुपये प्रति सौ सीएफटी की दर से बिक रहा बालू: जिले में व्यवसायी कोइलवर, भागलपुर, जहानाबाद आदि जगहों से महंगे दर पर बालू खरीद कर ला रहे हैं। जिससे बालू का रेट आसमान छू रहा है। व्यवसायियों के मुताबिक यह बालू 7500 रुपये से 8000 रुपये प्रति सौ सीएफटी की दर से बिक रहा है। जबकि सरकार द्वारा सोन सैंड बालू का दर प्रति सौ सीएफटी 2520 रुपये निर्धारित किया गया है। इस तरह बाहर से आ रहे बालू की खरीदारी में लोगों को तीगुना से भी ज्यादा पैसे भरने पड़ रहे हैं। जबकि जिले में 49 लोगों को सरकारी स्तर पर बालू बेचने का लाइसेंस भी जारी किया गया है।
बालू संकट से पक्का निर्माण कार्य पर लगा ग्रहण: पिछले छह माह से जिले में बालू का संकट से लोग उबर नहीं पा रहे हैं। बालू की किल्लत से लोगों का गृह निर्माण कार्य ठप पड़ गया है। इतना ही नहीं बालू संकट गहराने से जिले को अप्रैल 18 तक खुले में शौच मुक्त कराने की योजना पर भी ग्रहण लगता दिख रहा है। जबकि इस बाबत जिला प्रशासन द्वारा अभियान भी चलाया जा रहा है। साथ ही जिले में हजारों राजमिस्त्री व मजदूरों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इसके बावजूद विभाग अभी नया बालू डिपो खोलने की तैयारी में लगा है।
बालू का अवैध खनन
लोकर बालू घाटों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है लिहाजा धड़ल्ले से इसकी अवैध बिक्री जारी है। बालू माफिया जिले में ट्रैक्टर से बालू का अवैध उत्खनन कर मालामाल हो रहे हैं। जबकि लोकल बालू का सरकारी रेट 548 रुपये प्रति सौ सीएफटी निर्धारित किया गया है।