😣अब तो निजी जमीन पर रोड निर्माण को नप ने दिया तुगलकी फरमान
💥न्याय चाहता है अन्याय का मारा बेचारा संजय

🎩राणा परमार अखिलेश 🎩
“राहें साफ सुथरी तामीर करना फर्ज है निजामत के लिए ।
यहाँ खाली जमीन भी नहीं है गुसलखाने को।” शहरे-दिघवारा की जमीनी हकीकत व तरक्की की तजबीज का नजीर यही है । बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन तक के फीडर रोड के लबेबाम न कोई टायलेट है और न सार्वजनिक पेयजलापूर्ति के लिए नल। मगर, सैदपुर दिघवारा वार्ड नम्बर तीन में एक निजी भूखंड पर रोड निर्माण का तुगलकी फरमान? ताज्जुब है, कोर्ट भी इजाजत नहीं देता सकता।बहरहाल, अन्याय का मारा बेचारा पशुपतिनाथ प्रसाद का पुत्र संजय कुमार न्याय चाहता है, नगर प्रशासन से ।
कार्यपालक पदाधिकारी नप दिघवारा को दिए गए आवेदन में संजय ने कहा है कि उसके पैतृक भूखंड पर रोड निर्माण प्रस्तावित है । मौजा सैदपुर दिघवारा थाना नम्बर 144,खाता नम्बर 649 सर्वे नम्बर 1461,1462 रकबा 8 कट्टा 12 धूर जमाबंदी नम्बर 103 संजय के पितामह रामलगन साह वल्द द्वारिका साह के नाम से हैऔर दखल कब्जे में है। फिर प्रस्तावित रोड निर्माण की स्वीकृति कैसे हुई?यक्ष प्रश्न है । बिना भूस्वामी की स्वीकृति के योजना चयन कैसे हुए? क्या भू अधिग्रहण की सरकारी प्रक्रिया में नगर पंचायत ने सारण समाहरणालय को संस्तुतित किया है?इसके उत्तर में कार्यकार्यपालक पदाधिकारी शंकर प्रसाद ने सिर्फ जाँच के बाद कुछ कहने की बातें कहकर टाल गए ।





Recent Comments