
दैनिक खोजखबर/छपरा । बुधवार को आर एस ए के आंदोलन के तीसरे दिन जे पीयूके कुलपति कार्यालय के सामने कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ अर्धनग्न विरोध प्रदर्शन करते हुए अपनी पीड़ा और रोष व्यक्त किया। यह विरोध प्रदर्शन विश्वविद्यालय द्वारा छात्र-छात्राओं के साथ की जा रही अनदेखी, शोषण, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ किया गया। छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मूलभूत शैक्षणिक आवश्यकताओं की अनदेखी कर रहा है। प्रमाणपत्रों में विलंब, अवैध शुल्क वसूली, परीक्षा प्रक्रिया में अव्यवस्था, और अन्य समस्याओं के चलते छात्र मानसिक, आर्थिक और शैक्षणिक संकट से जूझ रहे हैं। विरोध प्रदर्शन में शामिल आर एस ए नेताओं ने कहा कि सारण प्रमंडल के गरीब छात्र-छात्राओं को शिक्षा से वंचित करने और उन्हें परेशान करने का कार्य प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यह अर्धनग्न विरोध प्रदर्शन जे पी यू प्रशासन की उस उदासीनता के खिलाफ है, जिसने छात्रों को मजबूर कर दिया है कि वे अपनी आवाज़ सड़क पर उठाएँ। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलन और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
आर एस ए के नेताओं ने आरोप लगाया कि नामांकन प्रक्रिया, परीक्षा फॉर्म, अंक पत्र, डिग्री प्रमाण पत्र, खेलकूद और प्रयोगशाला जैसी सुविधाओं में भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और लापरवाही फैली हुई है। गरीब परिवारों से आने वाले छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उन्हें बार-बार अवैध शुल्क, देरी और अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन में उज्जवल कुमार सिंह, आशीष यादव उर्फ गुलशन यादव, विवेक कुमार विजय, विशाल सिंह, परमजीत सिंह कुशवाहा, पर्मेंद्र सिंह, अमरेश सिंह सौरभ गोलू, आशीष कुमार, आकाश सिंह, अंकित सिंह, मनीष पाण्डेय, अशोक पाण्डेय, आशुतोष मिश्रा, उत्कर्ष पाण्डेय, रमेश यादव, कर्णजीत कुशवाहा, रमेश मांझी सहित दर्जनों छात्र कार्यकर्ता उपस्थित थे।




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