
कृषि प्रदर्शनी में मीठा नीम, गरम मसाला, स्टीविया प्लांट,तेजपत्ता,हींग के पेड़,जीरा मरीच ,इलाइची के पेड़,चिक्कू, शफेदा जैसे अनेक पेड़ पौधे है उपलब्ध
सोनपुर। विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले की अपनी एक अलग ही पहचान है । धार्मिक , ऐतिहासिक पौराणिक स्थल होने के वजह से इस मेले का प्रसिद्धि सोनपुर पशु मेले के रूप में विख्यात है । इस मेले में पशु -पक्षियों के साथ-साथ किसानों को विभिन्न तरह के खेती करने की गुर भी सिखाई जाती है साथ ही सरकार द्वारा मिलने वाली सहायता की भी जानकारी दी जाती है । इस मेले में पशु- पक्षियों तो धीरे-धीरे समाप्त की ओर है लेकिन नए-नए टेक्निकल एवं कृषि से संबंधित जानकारी आज भी कृषि प्रदर्शनी में नए-नए तकनीकी से किसानों की आय दोगुनी करने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है । इस कृषि प्रदर्शनी में विभिन्न प्रकार के पेड़ -पौधे सुगंधित पुष्पों की खरीद बिक्री होती है । जिसमें सबसे ज्यादा देसी विदेशी लोगों को आकर्षक का केंद्र लैला- मजनू फर्स्ट लव पौधे आकर्षक का केंद्र बना हुआ है । कृषि प्रदर्शनी में मीठा नीम, गरम मसाला, स्टीविया प्लांट,तेजपत्ता,हींग के पेड़,शिमला मिर्च,इलाइची के पेड़,चिक्कू, शफेदा जैसे अनेक पेड़ पौधे के अलावा विभिन्न प्रकार के फूल के पौधे उपलब्ध है जो काफी आकर्षित कर रहा है ।
राज्य के कोने-कोने से आए मेलार्थी हर माह फूल की सुगंध लेने व फल खाने वाले शौकीन लोगों के लिए भी विभिन्न प्रकार के पेड़ पौधे बिक्री हो रही है जो मेलार्थी उसे खरीद कर वे अपने बाग बगीचे में यहां तक कि घर के छत ऊपर भी वृक्षारोपण करने के लिए यहां से ले जा रहे हैं । सोनपुर मेला में कुल 2136 स्टाल लगाए गए हैं । इसमें सभी विभागों के उत्पाद के अलावा घरेलू उपयोग के सारे सामान इस मेले में उपलब्ध है।
कोरोना महामारी की वजह से दो वर्षों लंबे अंतराल के बाद लगे सोनपुर मेले में इस साल अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है । भारी संख्या में प्रतिदिन मेलार्थी मेले में आकर अपने सामर्थ्य के अनुसार समान के खरीद रहे हैं। हर सरकारी योजनाओं की जानकारी भी ले रहे हैं । मेलार्थी मेले में आकर हरि और हर ,सूर्य भगवान व शनिदेव ,दक्षिणेश्वरी काली का दर्शन भी कर रहे हैं।




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