
छपरा(सारण), 23 नवम्बर, 2019 । महाराष्ट्र को विकासोन्मुख सरकार मिली गई है। यह पिछले महाराष्ट्र चुनावों में होना चाहिए था जो अब हुआ है। यह एक महान राजनीतिक निर्णय है। मुख्यमंत्री के रूप में देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री के रूप में अजित पवार के शपथ लेने पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सह सारण लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजीव प्रताप रुडी ने दोनों को बधाई देते हुए उक्त बातें कही। बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं. बीजेपी और शिवसेना ने मिलकर बहुमत का 145 का आंकड़ा पार कर लिया था. लेकिन शिवसेना ने 50-50 फॉर्मूले की मांग रख दी। इसको लेकर मतभेद इतना बढ़ा कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। पर, शनिवार की सुबह भारतीय जनता पार्टी ने एनसीपी के अजित पवार के साथ मिलकर सरकार बना ली। भाजपा के देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को राज भवन में दूसरे कार्यकाल के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। इसके साथ ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की भी शपथ ली। विदित हो कि सन 2014 में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। उस समय भाजपा ने 122 सीटें और शिवसेना ने 63 सीटें जीती थी। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उस समय महाराष्ट्र भाजपा के प्रभारी श्री राजीव प्रताप रुडी ही थे। उक्त चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 122 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। तब महाराष्ट्र में पहली बार देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी थी। उस समय यह कहा जा रहा था कि एनसीपी भाजपा को समर्थन देगी। पर शिवसेना अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख राजग गठबंधन में पुनः शामिल हो गई थी।
श्री रुडी ने महाराष्ट्र के विकास को और द्रुत गति प्रदान करने वाली विकासोन्मुख सरकार देने के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं गृह मंत्री श्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि शिवसेना जैसी राजनीतिक पार्टी ने अपनी संख्या और पूर्व के संबंधों को देखते हुए भी भारतीय जनता पार्टी के साथ चलना उचित नहीं समझा ये उनका निर्णय था। महाराष्ट्र की जनता ने भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना को जनादेश दिया था जिसका शिवसेना ने उल्लंघन किया और जनता को गुमराह किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जनता उनसे परेशान थी। जब हमारे पास बहुमत नहीं था तब राज्यपाल के पुछने पर हमने सरकार बनाने से इनकार कर दिया। पर, अब जब बहुमत है तब देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में हमने अपनी सरकार बना ली है। अपनी स्वार्थपूर्ति के लिए महाराष्ट्र की जनता को धोखे में रखकर राष्ट्रपति शासन लगवाने के लिए पूरी तरह से शिवसेना जिम्मेवार थी। जब राज्य की जनता ने एक गठबंधन को जनादेश दिया था, तब सरकार का गठन होना चाहिए था, परन्तु अपने स्वार्थ से वशीभूत शिवसेना ने लोकतंत्र का मजाक बनाते हुए सरकार बनाने से किनारा कर लिया था। पर अब राज्य को पुनः एक बार विकासोन्मुख सरकार मिल गई है। एक बार फिर से भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद मुम्बई समेत पूरे महाराष्ट्र का तेज विकास होगा। साथ ही किसानों की जो लंबित मांगे है उनके निष्पादन के प्रति भी राज्य सरकार प्रतिबद्ध होगी।




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