
छपरा में पोषण माह के तहत पोषण मेला का हुआ आयोजन
• विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गए पोषण स्टाल
• समाज कल्याण मंत्री ने किया मेले का उद्घाटन
• पोषक तत्त्वों से कुपोषण दूर करने की दी गयी जानकारी
• नुक्कड़ नाटक के माध्यम से किया गया जागरूक
छपरा: जिले में पोषण अभियान के तहत शहर के गर्ल्स हाईस्कूल में पोषण मेला का आयोजन किया गया। पोषण मेला का बिहार सरकार समाज कल्याण मंत्री रामसेवक सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर मंत्री रामसेवक सिंह ने कहा कि सूबे के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को और बेहतर बनाया जाएगा। इसके लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में संसाधन बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कई माह से समाज कल्याण विभाग प्रभार में चल रहा था। अब समाज कल्याण विभाग के कार्यों में तेजी लाई जाएगी। योजनाओं का लाभ उस हर व्यक्ति तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। इसके पूर्व ट्रेनी आईएएस वैभव कुमार श्रीवास्तव ने पोषण मेला का अवलोकन किया। इस अवसर पर जदयू के जिलाध्यक्ष अल्ताफ आलम राजू, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. वीके चौधरी, डीएमएनई भानू शर्मा, डीसीएम ब्रजेंद्र कुमार सिंह, आरबीएसके के नोडल पदाधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार, महिला हेल्पलाइन के परियोजना प्रबंधक मधुबाला, सदर सीडीपीओ कुमारी उर्वशी, शिक्षा प्रियंका कुमार सभी सीडीपीओ व स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे। मंच का संचालन संजय भारद्वाज ने किया।
पोषण स्टालों का किया निरीक्षण:
मेले में शिक्षा विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, आईसीडीएस, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला हेल्पलाइन, जीविका द्वारा पोषण पर सन्देश देने के लिए अलग-अलग स्टाल लगाए गये। इस दौरान मंत्री ने सभी स्टालों का निरीक्षण भी किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाये गए स्टाल में पोषण पर जानकारी के साथ बच्चों एवं माताओं की जाँच सुविधा उपलब्ध करायी गयी। स्कूली बच्चियों का हिमोग्लोबीन जांच किया गया तथा आरयन की गोली दी गयी।
पोषण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाये: डीपीओ
इस अवसर पर डीपीओ वंदना पांडेय ने कहा कि जिला प्रशासन कुपोषण पर लगाम लगाने हेतु प्रतिबद्ध है तथा जिले में चलायी जा रही विभिन्न गतिविधियाँ पोषण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में सफल होंगी। पौष्टिक आहार के रूप में 6 माह तक बच्चे को केवल मां का दूध एवं उसके बाद ऊपरी आहार दिया जाना चाहिये। हमारे देश की बहुत सी महिलाएं और किशोरी को एनीमिया की शिकायत है जिसका असर उनके होने वाले बच्चों में भी पड़ सकता है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं को आईएफए टेबलेट, कैल्शियम टैबलेट, आयरन की गोलियां दी जाती है।
मेले में दी गयी ये जानकारी:
मेला में मौजूद महिलाओं व स्कूली बच्चियों को बताया गया कि शिशुओं को छह माह तक मां का दूध ही दें। उसके बाद ऊपरी आहार दें। इसके साथ ही नियमित टीकाकरण कराएं।इस अवसर पर रंगोली के माध्यम से जागरूकता पैदा की गयी। वहीं बताया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का नियमित वजन करवाएं तथा खून की कमी होने पर पौष्टिक आहार जैसे सोयाबीन, केला, दूध आदि का आहार दें।
कुपोषण से बचने के लिए पौष्टिक आहार जरूरी:
कुपोषण से बचने के लिए किसी भी व्यक्ति के आहार में पोषक तत्वों की सही मात्रा होनी चाहिए। भोजन में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन और खनिज सहित पर्याप्त पोषक तत्वों का सेवन करना चाहिये। मेले में पोषक खाद्य पदार्थो की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
नुकड़ नाटक माध्यम से किया गया जागरूक:
सवेरा बिहार के कलाकारों ने नुकड़ नाटक के माध्यम से पोषण के बारे में जागरूक किया। नाटक के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलने वाली सुविधाएं, गर्भवती माताओं के की जांच, शिशुओं की देखभाल, पौष्टिक आहार, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री मातृ सुरक्षा योजना आदि के बारे में जानकारी दी गयी।




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