मोतिहारी:-बरकुरवा में रची गई थी AK-47 से व्यवसायी इंद्रजीत जायसवाल के हत्या की साजिश
इंद्रजीत जायसवाल की हत्या मामले में एक की हुई गिरफ्तारी विडीयो देखे …

मेतिहारी से “दैनिक खोज खबर” उप प्रबंध संपादक अतुलकश्यप की रिपोर्ट :-मोतीहारी छतौनी थानाक्षेत्र के छतौनी-ढाका रोड में सोमवार की रात हुई किराना व्यवसायी इंद्रजीत जायसवाल की हत्या की साजिश घटना के तीन दिन पूर्व मुफस्सिल थानाक्षेत्र के बरकुरवा कमेटी चौक पर बनी थी। 

साजिश को अंतिम रूप देने के वक्त शातिर बदमाश दीपक पासवान के साथ दवा व्यवसायी पप्पू कुशवाहा भी मौजूद था। पप्पू इससे पहले भी रंगदारी के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस के हत्थे चढ़े बदमाशों ने इस बात का खुलासा किया है कि घटना को अंजाम देने में कुल आठ लोग शामिल थे। 
चार लोग बाइक से सवार होकर आए घटना को अंजाम देने आए थे। जबिक चार लोग घटनास्थल व उसके आसपास के इलाके में रहकर लाइनर का काम कर रहे थे। सभी बदमाशों को चिह्नित करने के बाद अब पुलिस इस गिरोह के पास एके-47 होने की सूचना पर काम कर रही है। बदमाशों ने पुलिस के समक्ष इस बात का खुलासा किया है कि गिरोह के सदस्य घटना को अंजाम देने के वक्त एके-47 भी लेकर गए थे। लेकिन, वहां पिस्टल से ही काम चल गया। सो दहशत फैलाने के लिए एके-47 लहराते हुए वहां से निकल गए। 
गिरफ्तार बदमाशों से की गई पूछताछ में इस बात का खुलासा हो गया है कि शहर में कौन से सफेदपोश लोग अपराधियों को संरक्षण देते हैं। सभी चिह्नित लोगों की खोज की जा रही है। पुलिस की एक विशेष टीम बदमाशों की गिरफ्तारी में लगी है। 
जेल से छूटने के बाद पप्पू करता था दवा का व्यवसाय:- अपराधियों से है यारी किराना व्यवसायी इंद्रजीत जायसवाल की हत्या में गिरफ्तार बदमाशों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। 
पुलिस के अनुसार हत्याकांड में गिरफ्तार बदमाश पूर्व में भी जेल जा चुके हैं। पप्पू 2008 से लेकर 2013 तक अपराध की दुनिया में रहा। इस दौरान वह कई बार जेल भी गया। जेल से छूटने के बाद वह छतौनी चौक पर दवा का व्यवसाय करता है। 
वहीं अमर छतौनी निवासी अरूण कुमार भी गोपालगंज जेल में दीपक पासवान के साथ रह चुका है। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में कई बातें सामने आई हैं, उसके आधार पर विशेष टीम काम कर रही है। 
एक साल तक पुलिस के लिए काम करता रहा दीपक:-जानकार बताते हैं कि शातिर दीपक पासवान ने एक साल तक पुलिस के लिए काम करता रहा। उसके जिम्मे पुलिस के लिए मुखबिरी करने का काम था। बताते हैं कि दीपक 2013 में नगर थाना में अनाधिकृत तौर पर आता-जाता था। 
कहा तो यह भी जा रहा है कि यहां उसकी प्रतिदिन हाजिरी भी लगती थी। आंकड़ों पर गौर करें तो उसके खिलाफ जिले के तीन थानों में आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। वहीं गोपालगंज में भी उसपर हत्या व बम विस्फोट के मामले दर्ज हैं। पुलिस उसके खिलाफ दर्ज मामलों का भी अध्ययन कर रही है। 
यह है घटनाक्रम:-सोमवार की रात छतौनी-ढाका रोड स्थित राजू किराना स्टोर के मालिक इंद्रजीत जायसवाल की हत्या बाइक सवार चार बदमाशों ने कर दी। हत्या के बाद बदमाश दीपक पासवान व जय भवानी के नारे लगाते हुए पर्चा फेंक भाग निकले थे। 
घटना के बाद लोगों ने जमकर बवाल काटा था। पुलिस ने मामले में चार बदमाश क्रमश: छतौनी के दवा व्यवसायी पप्पू कुशवाहा, पलनवा थानाक्षेत्र के भेलाही निवासी भाष्कर पांडेय, अमर छतौनी के अरुण यादव व प्रकाश शर्मा को गिरफ्तार किया है। कुल आठ लोगों को चिह्नित किया गया है। जिसमें से चार गिरफ्तार किए जा चुके हैं।