एकमा की ये बेटियां हैं अपने बाबूजी की शान, सरकारी सेवा में हैं 6 बहने

विनीत कुमार, एकमा (सारण)

…….धुक धुक धुक धुक करते एकमा बाजार में एक आटा चक्की चल रही है। यह आटा चक्की एकमा रेलवे स्टेशन से करीब 300 मीटर दक्षिण दिशा में एकमा ताजपुर मुख्य मार्ग पर सड़क के पश्चिम दिशा में है। इस आटा चक्की को चला रहे है राजकुमार सिंह उर्फ कमल सिंह। एकमा में कमल सिंह के नाम से ही ये अधिक प्रसिद्ध है।
इनकी 7 लड़कियां है और 1 लड़का। इन 7 बेटियों में 6 सरकारी सेवा में है। सातवी बेटी का भी मेरिट बिहार पुलिस में बन चुका है मगर मामला न्यायालय में लंबित है।
कमल सिंह की इन 6 बेटियों ने न सिर्फ सरकारी सेवा में चयनित है बल्कि सब पुलिस व डिफेंस में हैं।
बातचीत के क्रम में कमल सिंह कहते है कि जब पहली बार बेटी की सरकारी नौकरी हुई तो खुशी का ठिकाना नही रहा। कभी सोचा नही था की मेरी सारी बेटियां सरकारी नौकरी में जाएंगी लेकिन आज देखिये मेरी सारी बेटियां एक एक कर सरकारी नौकरी में चयनित होती गयी और देश की सेवा कर रही हैं। थोड़े भावुक होते हुवे कमल सिंह बताते हैं कि यदि मेरी आठवीं लड़की होती तो वो भी आज सरकारी सेवा में होती। लेकिन अफसोस वो भगवान को प्यारी हो गयी।
आटा चक्की चलाने वाले कमल सिंह कहते है कि मेरी बेटियां मेरी शान हैं। मूंछ पर ताव देते हुवे कहते हैं कि एक बाप को और क्या चाहिए, मेरी तो भगवान से प्रार्थना है कि अगले जन्म में भी मुझे ये बेटियां ही दे और वो भी बिल्कुल इनके जैसी ही हो।
एकमा की इन बेटियों की इस उपलब्धि पर पुरे एकमा के लोगों को भी गर्व है। आज के समय मे जहाँ किसी परिवार में एक व्यक्ति का चयन सरकारी सेवा में बमुश्किल हो पाता है ऐसे मे कमल सिंह की इन बेटियों ने निश्चित ही एकमा के लिए ऐतिहासिक काम किया है।


इन बेटियों के बाबूजी राजकुमार सिंह उर्फ कमल सिंह

कमल सिंह की दो पुत्रियों ने बिहार पुलिस में बतौर कांस्टेबल इसी माह की 5 तारीख को अपना योगदान दिया है।
बिहार पुलिस में चयनित प्रीति बताती है जीवन मे काफी उतार चढ़ाव देखे मगर कभी हार न मानने का जज्बा बाबूजी से सीखा था।

इन बेटियों में से कई को पढा चुके शिक्षक उमेश कुमार शाह कहते है कि निश्चित ही एकमा की इन बेटियों ने एकमा का नाम रौशन किया है। कड़ी मेहनत करना, व भरपूर लग्न के साथ अपने लक्ष्य के लिए लगे रहना ही इन बहनों को बाक़ियों से अलग बनाता है।

इन बेटियों की जीवटता व दृढ़ निश्चय का अनुमान आप इसी बात से लगा सकते है कि रानी सिंह ने वर्ष 2009 में बच्चे को जन्म देने के महज 4 माह बाद ही आयोजित बिहार पुलिस की दौड़ में सफलता पूर्वक अपनी दावेदारी सुनिश्चित की थी।

कमल सिंह की इन 7 बेटियों में रेणु सिंह एसएसबी में कॉन्स्टेबल है जबकि सोनी सिंह सीआरपीएफ में कॉन्स्टेबल हैं।

कुमारी नन्ही सिंह बिहार रेल पुलिस में सेवारत है जबकि कुमारी रिंकी सिंह बिहार पुलिस में कॉन्स्टेबल है।
कुमारी पिंकी सिंह बिहार एक्साइज पुलिस में कार्यरत है जबकि कुमारी प्रीति सिंह बिहार पुलिस में कार्यरत हैं।
रानी सिंह का चयन वर्ष 2009 में ही हुआ था मेरिट लिस्ट में रेणु का नाम है मगर फिलहाल यह मामला न्यायालय में लंबित है।
एकमा की बेटियों की इस उपलब्धि पर पुरा एकमा गौरवान्वित है।