दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट :-
गत शाम आईएमए बेतिया के द्वारा शहर के एक निजी सभागार में अॉस्टियोपोरोसिस विष्य पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया. सेमिनार को संबोधित करते हुए प्रख्यात हड्डी, जोड़, रीढ़ एवं नस रोग विशेषज्ञ सह जिला आईएमए के मीडिया प्रभारी डॉ उमेश कुमार ने बताया कि लगभग 30 मिलीयन भारतीय महिलायें “रजोनिवृत्ति अॉस्टियोपोरोसिस” बीमारी की गिरफ्त में आ चुकी हैं. आमतौर पर 40-45 वर्ष की उम्र में यह बीमारी स्त्रियों में देखने को मिलने लगती है क्योंकि इस उम्र के बाद इसट्रोजेन हार्मोन की कमी शुरू हो जाती है. जिससे हड्डी कमजोर होने लगती है, इस बीमारी में कमर दर्द, जोड़ दर्द, हड्डियों में दर्द,शरीर के लंबाई में कमी, इत्यादि लक्षण हैं. सेमिनार में उपस्थित स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ रश्मि ने बताया कि उक्त बीमारी के इलाज में हार्मोन रिप्लेसमेंट थ्योरी वरदान साबित हो रही है.
मौके पर आईएमए जिलाध्यक्ष डॉ प्रमोद तिवारी, सचिव अंजनी कुमार, डॉ नसीर अली, राबिया नसीर, कुमकुम, अनिल इत्यादि जिले के सभी प्रमुख डॉ उपस्थित थे.





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