मांडलगढ़ उपचुनाव: संभावना है कि राजस्थान में एक ही स्थान अजमेर पर होंगे चुनाव अलवर, मांडलगढ़ बाद में ठंडी पडी चुनावी नाव
✍न्यूज इनपुट दिलीप मेहता मांडलगढ़ राजस्थान:-राजस्थान में होने वाले 2 लोकसभा सीट व एक विधानसभा सीट पर कूल 3 उपचुनावो में अब मामला आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है ऐसी संभावनाये लग रही है । चुनावी गणित को लेकर समीकरण बन भी रहे है और बिगड भी रहे है।
इसी सप्ताह चुनाव आयोग की घोषणा होने की संभावना है और अनुमान है कि गुजरात चुनाव के साथ राजस्थान में मात्र अजमेर सीट पर ही चुनाव होंगा ? कारण क्या रहेंगे पता नही है लेकिन संभावना प्रबल लग रही है।
वैसे अलवर में और मांडलगढ़ सीट पर भाजपा एकाएक गुटबाजी के भंवर में उलझ गई है जहां पर निर्णय लेना सभव नहीं लग रहा है । अजमेर में भाजपा जाट ,, राजपूत व सिंधी समाज के वोटो पर पकड रख कर जीत सकती है । इस सीट पर भाजपा की जीत से माहौल बनेगा और इसके बाद करीब 45 दिन के आस पास ही अलवर व मांडलगढ़ के चुनाव होने के संकेत है.अलवर में भी सासंद महंत चांदनाथ के दिवंगत होने के बाद टिकट को लेकर खिंचतान जारी है तो मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर भी टिकट को लेकर कई दावेदार मैदान में है।
मुख्यमंत्री वसुधरा राजे के मांडलगढ़ प्रवास के दौरान से लगातार एकाएक जिला भाजपा के खिलाफ की गई शिकायतो के कारण भाजपा आलाकमान चिंतित है ऐसी मिली जानकारी और चर्चाओ के अनुसार इस पर मंथन भी होने वाला है और स्थानीय की मांग पर जोर होने के कारण अब मामला पेचिदा नजर आ रहा है । इन बातो पर नाराजगी के कारण फिलहाल मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर भी चुनाव आगे बढ़ने के संकेत है।
अब भाजपा आलाकमान व राजे का फोकस बस अजमेर सीट पर ही दिखाई देगा अजमेर की 8 विधानसभा सीटो पर जोरदार रणनीति तैयार कर भाजपा कमल खिलाने में प्रयास रत है। इस सीट पर विजयी पताखा फहराने के बाद ही अलवर व मांडलगढ़ सीट के चुनाव होगें ऐसी संभावनाये प्रबल दिख रही है।
अजमेर सीट भाजपा जित लेती है तो इस जीत का असर इन दो सीटो पर भी प्रभाव डालेगा और भाजपा में माहौल व जोश नजर आयेंगा । आज इस पर फोकस किया है जिस पर चुनाव आयोग के आदेशो में खुलासा गुजरात के चुनावी घोषणा में साफ हो जायेगा, मेरी राय में पहले मात्र अजमेर सीट के ही चुनाव होगें ? हो सकता है मैरी बात आपको गलत लगे लेकिन महसुस किया है जो मै बता रहा हूँ ।
इसकी सत्यता इसी सप्ताह में सामने आजायेगी दुसरी और चर्चाओ के अनुसार अपने स्तर पर मांडलगढ विधानसभा की खुफिया जानकारी व एकाएक बढी़ गुटबाजी तथा नाराजगी के कारण भी भाजपा आलाकमान अर्लट हो गया है और इस पर नये सिरे से मंथन होने की संभावना है। कूल मिलाकर अलवर व मांडलगढ़ सीटो पर चुनाव 45 से 60 दिन आगे बढ़ सकते है।
शायद अभी मात्र अजमेर सीट के ही चुनाव होंगे ?? देखना है कि चुनाव आयोग की संभवतया इसी सप्ताह की चुनावी घोषणा में गुजरात के साथ साथ अजमेर लोकसभा सीट पर ही चुनाव होने की घोषणा होगी या अलवर व मांडलगढ़ की सीटो की चुनावी घोषणा अभी नहीं होकर लेट होगी …. इस पर सभी की निगाहें रहेगी ।
अपने विचार व जानकारी मैरी नजरो में मुझे सही लग रही है लेकिन दुसरो की नजरो में क्या रहेगी …. यह वो ही जाने या फिर …राम ही जाने ??
✍न्यूज इनपुट दिलीप मेहता मांडलगढ़ राजस्थान:




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