मांझा निधरक बिना मास्क के घर से बाहर निकलना लोगो के लिए घातक बनते जा रहा है । परन्तु लोग अमल नही कर रहे है जिसके कारण फिर कोरोना अपना पाव पसारना शुरू कर दिया है ।प्रखण्ड अंतर्गत मांझा पूर्वी पँचायत के लँगतु हाता गांव के स्वर्गीय साधु पंडित के 40 वर्षीय पुत्र विक्रमा पंडित अपना कोरोना की जांच कराए थे ।प्राप्त जांच रिपोर्ट के अनुसार पॉजिटिव पाया गया है ।जिसे होम कोरोनटाइन में इलाज चल रहा है ।जिसके चलते इस गांव के लोग सहमे हुए है ।सरकार और प्रशासन के द्वारा बराबर सन्देश दिया जा रहा है। कि कोरोना से बचाव के तीन उपाय कोरोना वैक्सीन लगवाए साफ सफाई रखे घर से बाहर मास्क लगा कर निकले भीड़ भाड़ वाले स्थान से बचे परन्तु सरकार और प्रशासन के द्वारा दिये जा रहे सन्देश पर बुद्धिजीवी वर्ग के 40 प्रतिशत लोग अमल करते हुए कोरोना वैक्सीन भी लगवा रहे है तथा घर से बाहर मास्क लगाकर निकलते है लेकिन अशिक्षित वर्ग के लोग अभी नही मानते की कोरोना कोई विमारी है वे यही कहते है कि पहले भी सर्दी खांसी बुखार होता था दवा खाने के बाद ठीक हो जाते है आज भी सर्दी खांसी बुखार होता है दवा खाते है ठीक हो जाता है ।कोरोना क्या उससे कोई मतलब नही है निधरक बिना मास्क के घर से बाहर घूमते रहते है जिसका नतीजा यह देखने को मिल रहा है ।अगर प्रशासन के द्वारा डिस्टेंसिन का पालन कराने हेतु कड़ा रुख नही अपना गया तो फिर कोरोना अपने पॉव पसारने से पीछे नही हटने वाला है और फिर कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ने की संभावना बनी रहेगी ।