दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट:-
बिहार राज्य किसान सभा तथा बिहार प्रान्तीय खेतिहर मजदूर यूनियन के राज्यब्यापी आह्वान धरना
बकुलहर मठ के परचाधारियो को अबतक जमीन पर कब्जा नहीं दिया गया ।जबकि जिलापदाधिकारी द्वारा लगातार आस्वासन दिया जाता रहा है ।हरदिया कोठी के परचाधारियो का दाखिल खारिज हो जाने के बावजूद जमीन पर कब्जा नहीं दिया गया ।एक तरफ बिहार सरकार भूमिहीनों को वास की जमीन तथा मकान देने की प्रचार कर रही है ।तो दूसरी तरफ बरसों से झोपड़ी बनाकर रह रहे गरीबों को बिना कोई बैकल्पिक ब्यवस्था किये बर्बर तरीके से उजाड़ा जा रहा है।जिला प्रशासन द्वारा की जा रही इस अमानवीय एवं जघन्य करवाई की तीब्र भर्त्सना करते हुए बैकल्पिक ब्यवस्था की मांग करते हैं।
जिले के ईंख उत्पादक किसानों को अबतक पिछला बकाया पैसा नहीं मिला ।जबकि सुगर केन एक्ट 1966 के अनुसार ब्याज के साथ किसानों को बकाये का भुगतान करना है ।ईंख का पेराई शुरू हो गया ।लेकिनईंख के मूल्य का निर्धारण नीतीश सरकार द्वारा अबतक नहीं किया गया ।चीनी मिलों द्वारा चालान देने में भारी भेद भाव दिख रहा है ।जिसका शिकार मझोले तथा छोटे किसान हो रहे हैं।घटतौली पर अबतक रोक नहीं लगी है ।धान की खरीददारी पैक्स द्वारा अबतक शुरू नहीं किया गया ।जबकि अधिकांश छोटे किसान औने पौने दाम पर अपनी आवश्यकताओं के चलते धान बेंच दिये।इस तरीके से किसानों का शोषण बदस्तूर जारी है ।
जिलापदाधिकारी ने करवाई करने का पुनः आश्वासन दिया है ।
विधान सभा चुनावों में भाजपा से सत्ता छीन जाने का हम स्वागत करते हैं ।
धरना में बिहार राज्य किसान सभा के संयुक्त सचिव तथा बिहार राज्य ईंख उत्पादक संघ के महासचिव प्रभुराज नारायण राव ,जिला सचिव चांदसी प्रसाद यादव , अध्यक्ष रामा यादव ,म.वहीद, शंकर दयाल गुप्ता ,जगरनाथ यादव ,शंकर कुमार राव ,नीरज बरनवाल , खेतिहर मजदूर यूनियन के जिला सचिव प्रभुनाथ गुप्ता,अध्यक्ष हेमन्त साह, प्रकाश वर्मा ,अवध बिहारी प्रसाद ,राजू बैठा ,सदरे आलम ,सहीम, सुरेन्द्र गिरि ,रुक्मीना आदि ने धरना को सम्बोधित किया ।