बेतिया – गौनाहा:-बाढ अनुदान राशि देने में मुसहर जाति के लोगो के साथ हुआ भेदभाव

न्यूज इनपुट रामायण कुमार गौनाहा पं.चम्पारण बिहार :-पश्चिमी चम्पारण गौनाहा 12 अगस्त को प्रखंड क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के कारण कई पंचायतों में बाढ ने अपना रौद्र रूप दिखाया था।

गौनाहा थाना क्षेत्र के माधोपुर पंचायत के मौजे माधोपुर के वार्ड नंबर चार के मुसहर टोली में रविवार की सुबह आपदा प्रबंधन प्रभारी सह अंचलाधिकारी के द्वारा भेदभाव करने व आपदा अनुदान राशि नहीं देने का मामला प्रकाश मे आया है ।
आक्रोशित महिला पुरुष ग्रामीणों का सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध रोष व्याप्त करते हुऐ ग्रामीणों का कहना था कि हम सभी मुसहर जाति के लोगों के साथ भेदभाव किया गया है। जिसके घर में पानी नहीं गया जिनके पास पक्के मकान हैं उस परिवार में एक नहीं तीन तीन व्यक्तियों के नाम से अनुदान राशि दी गई है । लेकिन हम लोगों के पास न तो रहने के लिए घर न खाने के लिए अनाज है ।

आई बाढ में हम सभी का पुरे कपड़ा समेत अनाज बह गया। लेकिन हम लोगों को न तो प्लास्टिक मिला न तो आज तक कोई अनुदान राशि। इसके लिए हम सब जिला पदाधिकारी और माननीय मुख्यमंत्री के पास जाएंगे । ये जांच का विषय है कि आखिर गरीब असहाय लोगों को अभी तक लाभ क्यों नहीं मिला इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।

इन लोगों का आरोप है कि कई बार अंचलाधिकारी के पास दौड़ लगाएं लेकिन गरीबों की आवाज ना कोई पदाधिकारी सुनी है ना ही कोई स्थानीय सांसद, क्षेत्रीय विधायक या मुखिया ने नही सुनी वही आपदा पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी प्रदीप कुमार सिन्हा को अपनी आपबीती सुनाने गये लोगो को सीओ ने भला-बुरा कह भगा दिया।

इस संबंध में मुखिया का कहना है कि हमने सभी की सूची बनाकर पदाधिकारी को दिया था जिसमें यह सारे गरीब असहाय लोगों का नाम दिया गया था पता नही किस कारणवश इनलोगो को अनुदान राशि नही दिया गया है।

वही अनुदान राशि से वंचित मु. बुधिया, मु. रजिया, कांति देवी, जानती देवी, सोनी देवी, सुभावती देवी, रामनाथ माझी, मनीरखा माझी, लालपरी देवी, लालजी माझी, रीता देवी, रामआशीष माझी, रमेश वर्मा का कहना है कि हम सभी मुसहर जाति के लोग हैं इसलिए भेदभाव किया गया है अगर इसकी उच्चस्तरीय जांच नहीं की जाती है तो हम सभी मुसर जाति के लोग प्रखंड मुख्यालय पर भूख हड़ताल करेंगे
इधर आपदा प्रबंधन पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी प्रदीप कुमार सिन्हा का कहना है कि जो सुची पंचायत अनुश्रवन समिति के द्वारा दिया गया उस सुची को प्रखंड स्वर्ण समिति के द्वारा पारित कर चार महीने पहले ही लाभार्थी के खाते मे अनुदान राशि भेज दिया गया है ।