अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब

सीसीटीबी खंगाल रही पुलिस
आखिर किसने की मुखबिरी

देर शाम तक जमे रहे एसपी व अन्य अधिकारी

उचकागांव (गोपालगंज):-स्थानीय मीरगंज थाना क्षेत्र के सिवान गोपालगंज मुख्य पथ पर जिगना रेलवे ढाला के समीप अपने वर्कशॉप के बगल में बैठे मटिहानी नैन पंचायत के पूर्व मुखिया अरुण सिंह की हुई हत्याकांड मामले में घटना के बाद पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने में लगी है।रविवार की देर शाम तक एसपी मनोज कुमार तिवारी खुद सीसीटीबी का पुटेज जांच करते रहे।वहीं सारण के डीआईजी आलोक कुमार वर्मा भी मीरगंज थाना पर बैठ के सभी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे।सिसिटीबी को देखने के बाद कई पुलिस के समक्ष कई तरह की चुनौतियां सामने आ रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अपराधी जिस प्रकार से सिवान के तरफ से वर्कशॉप के उत्तर तरह बनाए गए पूर्व मुखिया अरुण सिंह के बैठाका के स्थल पर अपराधी सीधे पहुंच कर घटना को अंजाम दिए हैं। उससे यह साफ हो जा रहा है कि अपराधियों को पूर्व मुखिया के घटनास्थल पर रहने की पूरी सटीक जानकारी थी। अपराधी अपनी सटीक जानकारी के अनुसार घटनास्थल पर पहुंचे थे और वहीं घटना को अंजाम देने के बाद पुनः बाइक पर सवार होकर हथियार को लहराते हुए सिवान के तरफ निकल गए। घटना को अंजाम देने के पहले अपराधियों के लिए किसी के द्वारा पूर्व मुखिया अरुण सिंह की मुखबिरी की गई थी। अपराधियों को यह बात पहले से ही जानकारी थी कि पूर्व मुखिया अरुण सिंह वर्कशॉप के उत्तर के तरफ बने बैठक स्थल पर बैठे हुए हैं। दो बाइक पर बैठाकर पहुंचे पांच अपराधी पूरी जानकारी के साथ वर्कशॉप के उत्तर के तरफ बने बैठक स्थल के ठीक सामने मुख्य पथ पर अपनी बाइक को खड़ा करते हैं। जिसमें से दो अपराधी मुख्य पथ से उतर कर बैठक स्थल की तरफ घटना को अंजाम देने के लिए चल देते हैं वही तीन अन्य अपराधी बाइक को पुनः सिवान मुख्य पथ की तरफ मोड़ कर भागने के लिए तैयार हो जाते हैं। कुछ ही देर में मुखिया के तरह हो गए दोनों अपराधी घटना को अंजाम देने के बाद तुरंत ही बाइक पर बैठकर अपने तीन अन्य अपराधियों के साथ सिवान के तरफ हथियार लहराते हुए फरार हो जाते हैं। यदि पुलिस सीसीटीवी फुटेज ही गहनता से जांच करें तो पूर्व मुखिया हत्याकांड मामले में किए गए अपराधियों के लिए किए गए मुखबिरी का भी पर्दाफाश किया जा सकता है। यदि अपराधियों को पूर्व मुखिया अरुण सिंह की सटीक जानकारी नहीं रहती तो अपराधियों द्वारा इतनी इतनी सफाई और तेजी के साथ घटना को अंजाम नहीं दिया जा सकता था। वहीं घटना के बाद रविबार के देर शाम तक आक्रोशित मुखिया के समर्थकों द्वारा हल्ला हंगामा किया गया , मौके पर दर्जनभर थानों की पुलिस के अलावे पुलिस के वरीय अधिकारी देर रात तक मौके पर जमे रहे।मुखिया के अंतिम संस्कार में भी काफी संख्या में लोग भाग लिए व सबकी आंखों से आँशु निकल पड़े।आज दूसरे दिन भी परिजनों का रो रो कर बुरा हाल हो गया है।समूचे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। सबके जुबान पर मुखिया के हत्याकांड की चर्चा आज भी हो रही है।वर्क शॉप पर पुलिस बलों की तैनाती की गई है।समूचे इलाके में भय व दहशत का माहौल कायम हो गया है।लोग डरे हुए है।जबकि नजरें पुलिस की अगली करवाई पर टिकी है।