पानापुर (सारण)। सारण जिले के पानापुर प्रखंड में कार्यरत दर्जनों सेविकाएं और सहायिकाएं इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही हैं। विभाग की उदासीनता और लापरवाही के चलते इन्हें पिछले आठ महीनों—यानी दिसंबर 2025 से—एक भी रुपये का वेतन (मानदेय) नहीं मिला है, जिससे उनके सामने परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।

मुख्य बिंदु:

  • प्रभावित कर्मी: प्रखंड की लगभग 54 सेविकाएं और 60 से अधिक सहायिकाएं इस समस्या से जूझ रही हैं।
  • लापरवाही की वजह: इन कर्मियों के बैंक खातों से जुड़ी कुछ तकनीकी समस्याएं थीं, जिन्हें सुधार के लिए पहले ही सीडीपीओ कार्यालय को उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके बावजूद विभागीय सुस्ती के कारण भुगतान अटका हुआ है।
  • कार्यालय में गुहार: लंबे समय से हो रही अनदेखी से तंग आकर दर्जनों सेविकाएं सोमवार को सीडीपीओ कार्यालय पहुंचीं और लिखित आवेदन देकर अविलंब बकाया वेतन के भुगतान की मांग की। सेविकाओं का कहना है कि वेतन न मिलने से उनके घरों में आर्थिक तंगी चरम पर पहुंच गई है।

अधिकारी का फोन मिला बंद

इस पूरे मामले पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) सुधा कुमारी से उनका पक्ष जानने के लिए जब संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका मोबाइल फोन बंद मिला।