धर्मेंद्र रस्तोगी/छपरा, 22 अगस्त।
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत समाज और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कोशिशें रंग ला रही हैं। अब टीबी लाइलाज बीमारी नहीं रह गई है, बशर्ते समय पर इसकी जांच और इलाज शुरू कर दिया जाए। इसी उद्देश्य के साथ स्थानीय साधनपुरी मोहल्ला स्थित ठाकुरबाड़ी महिला विकास कल्याण समिति के कार्यालय में एक प्रेरणादायक समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें गोद लिए गए टीबी रोगियों के बीच पोषण पोटलियों का वितरण किया गया। हालांकि छपरा की यह पहल यह साबित करती है कि सामूहिक प्रयासों से वर्ष 2026- 27 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प अवश्य पूरा होगा।

स्वास्थ्य विभाग की अपील: दवा के साथ पौष्टिक आहार जरूरी:
समारोह को संबोधित करते हुए जिला यक्ष्मा केंद्र के जिला योजना समन्वयक (डीपीसी) हिमांशु शेखर ने कहा कि टीबी के लक्षण दिखते ही मरीजों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच कराने के अलावा चिकित्सकों के परामर्श का पूरी तरह पालन करना चाहिए। उन्होंने ठाकुरबाड़ी महिला विकास कल्याण समिति द्वारा पिछले कई वर्षों से टीबी रोगियों को गोद लेकर उन्हें पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक अनुकरणीय कदम बताया है। वहीं एसटीएस मुकेश कुमार ने मरीजों और उनके परिजनों को संबोधित करते हुए बताया कि टीबी के इलाज में नियमित दवा सेवन के साथ- साथ संतुलित और पौष्टिक आहार की बहुत बड़ी भूमिका होती है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक शरीर में पौष्टिक तत्वों की कमी पूरी नहीं होगी, तब तक स्वास्थ्य लाभ की गति धीमी रहती है। इसलिए खानपान पर विशेष ध्यान देना बेहद आवश्यक है।

छठे महीने का 55 मरीजों का हुआ वजन और वितरण: डॉ अंजू सिंह
ठाकुरबाड़ी महिला विकास कल्याण समिति की संस्थापिका सह सचिव डॉ. अंजू सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि इस चरण में शहर के लगभग 55 टीबी रोगियों को पोषण पोटली बांटी गई है। मरीजों से संबंधित डीबीटी और अन्य समस्याओं का समाधान किया गया। कार्यक्रम के दौरान सभी मरीजों का वजन भी दर्ज किया गया है, ताकि उनकी सेहत में हो रहे सुधार का नियमित आकलन किया जा सके। संस्था द्वारा न केवल पोषण आहार का वितरण किया जाता है, बल्कि सभी ‘निश्चय मित्रों’ के माध्यम से मरीजों का निरंतर फॉलो- अप भी लिया जाता है, जिससे उनकी रिकवरी तेजी से हो सके। इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला यक्ष्मा केंद्र के डीपीसी हिमांशु शेखर, एसटीएस मुकेश कुमार, संस्था की संस्थापिका डॉ. अंजू सिंह, वरिष्ठ पत्रकार धर्मेंद्र रस्तोगी, रुपेश कुमार सिंह, प्रीति शाही, मणि शाही, सद्दाम हुसैन और सुमन सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।