दैनिक खोज खबर/जलालपुर (सारण)। जलालपुर थाना क्षेत्र के मंगोलापुर मठिया स्थित पैतृक आवास पर संस्कृत के प्रकांड विद्वान एवं शिक्षाविद् पंडित देव कुमार ओझा की 102वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य लोगों ने उनके तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके शिक्षा, समाजसेवा तथा मानवता के प्रति योगदान को याद किया।

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि पंडित देव कुमार ओझा का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहा। वे बिना किसी भेदभाव के सभी लोगों की सहायता करते थे। शिक्षा से लेकर आर्थिक सहयोग तक, जरूरतमंदों की हरसंभव मदद करना उनके स्वभाव में शामिल था। स्थानीय लोगों के लिए वे किसी भी समस्या के समाधान का सहज और भरोसेमंद माध्यम थे।

पंडित देव कुमार ओझा संस्कृत के प्रकांड विद्वान तथा संस्कृत व्याकरण के मर्मज्ञ थे। बताया गया कि उन्हें आठ भाषाओं का ज्ञान था। संस्कृत व्याकरण अथवा किसी पुस्तक से संबंधित समस्या होने पर लोग उनके पास पहुंचते थे और वे सरलता से उसका समाधान करते थे। उनकी विद्वता और सहज व्यवहार के कारण क्षेत्र में उनका विशेष सम्मान था।

मुख्य अतिथि के रूप में बिहटा के मुखिया सहदेव राय ने कहा कि पंडित देव कुमार ओझा की विद्वता केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे राज्य में उनकी पहचान एक विद्वान व्यक्ति के रूप में थी। संस्कृत व्याकरण पर उनकी पकड़ अद्भुत थी और उनका ज्ञान आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।

समारोह में उनके पुत्र आचार्य सुरेंद्र कुमार ओझा, प्रपौत्र प्रशांत कुमार ओझा, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष बंशीधर तिवारी, इंसानियत जिंदाबाद टीम के विवेक तिवारी, कृष्णा तिवारी, शिवजी राम, मनीष तिवारी, कैलाश तिवारी, रामकुमार सिंह, शिक्षक, बिशनपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि उत्तम बैठा, आचार्य मनीष कुमार ओझा, हरीश कुमार ओझा, आशुतोष कुमार ओझा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने पंडित देव कुमार ओझा के आदर्शों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने और शिक्षा तथा मानवसेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।