पशु चिकित्सालय में चिकित्सक के नहीं आने से पशुपालकों का फूटा गुस्सा, किया रोषपूर्ण प्रदर्शन

अमनौर (सारण) : स्थानीय प्रखंड अन्तर्गत पंचायत मनोरपुर झखरी पंचायत के झखड़ा में बने प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय में चिकित्सक नहीं आने से गत एक साल से चिकित्सालय मृतप्रायः बन गई है. जिससॆ मनोरपुर झखरी समेत आसपास आधा दर्जन से अधिक पंचायतों के विभिन्न गांवों के पशुपालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. समस्याओं को लेकर रविवार को दर्जनों ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर विभाग के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए विरोध प्रदर्शन किया. इस समस्या को लेकर बंद चिकित्सालय के बाहर अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे कांति देवी, पंक्षी देवी, मंझरिया देवी, ज्ञांति देवी, रामचन्द्र राय,विश्वनाथ राय,गणेश राय,धर्मेन्द्र राय, विकेश कुमार यादव, जीतेन्द्र यादव, जीतेश यादव,चन्दन कुमार आदि ने बताया कि पशु चिकित्सक के यहां नीयमित नहीं रहने से पशुओं के बीमार होने पर मजबूरन उन्हें निजी चिकित्सकों के पास ले जाना पड़ रहा है. पशुपालकों ने बताया कि लगातार एक साल से चिकित्सालय बंद होने के कारण इस क्षेत्र के पशु पालकों को अपने बीमार पशुओं के इलाज के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है.नीजि अस्पतालों मे मजबूरन जाना पडता है, लेकिन इसके बावजूद इस ओर न ही प्रसाशन न ही जनप्रतिनिधियों का कोई ध्यान है. सरकार जहां एक ओर किसानों व पशुपालन को लेकर विशेष योजनाएं चला रही है. बावजूद अमनौर मे लाखों रुपये की लागत से निर्मित प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय मे चिकित्सक के नहीं रहना सरकार व विभाग की लापरवाही साफ साफ देखी जा रही है.ग्रामीणों को अपने बीमार पशुओं के इलाज के लिए भटकना पड़ता है. जिसको लेकर ग्रामीणों की ओर से कई बार क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों को बार-बार अवगत करवाने के बाद भी समस्या का निवारण नहीं हो रहा है. इस कारण मजबूर होकर रोष प्रकट करना पड़ रहा है. मालूम हो कि अमनौर प्रखंड मे इस प्रकार के दो चिकित्सा केंद्र है. जिसमें एक अमनौर हाईस्कूल के पास है जिसका अपना भवन नहीं है किराये के मकान मे स्थित है.जबकि झखड़ा मे लाखों रुपये की लागत से आलिशान भवन बना है. जहां दरियापुर प्रखंड के परसौना मे पदस्थापित पशु चिकित्सक डॉ.संजय कुमार यहा अतिरिक्त प्रभार मे कार्यरत हैं. जो अदा कदा कभी कभार आते है वहीं एक चपरासी लालबाबू दास ही पशुओं को दवा वितरण करते थे. लेकिन उनका भी पांच दिन पहले निधन हो गया. इधर डॉ संजय कुमार से इस बाबत जानकारी के लिए उनके मोबाइल फोन से सम्पर्क किया गया ,पर उन्होंने फोन नहीं उठाया.