
संजय विजित्वर (हाजीपुर)-ग्रामीण विकास विभाग , पटना द्वारा जारी जल जीवन हरियाली अभियान के तहत जुलाई माह के लिए दिए गये राज्य स्तरीय रैंकिंग में वैशाली जिला दितीय स्थान पर रहा।जबकि प्रथम स्थान समस्तीपुर तीसरा स्थान गया को चौथा स्थान नालंदा तथा पांचवा स्थान जहानाबाद को दिया गया है। उप विकास आयुक्त विजय प्रकाश मीणा की कोशिश तथा डीएम उदिता सिंह के कुशल प्रशासनिक नेतृत्व के कारण जल जीवन हरियाली अभियान में वैशाली जिला प्रारंभ से ही बिहार के शीर्ष 5 जिला में शामिल रहा है। विभाग के अधिकारियों ने पूरी निष्ठा तथा कार्य कुशलता के साथ इस जिले का सम्मान बढ़ाया है और यह उपलब्धि दिलायी है।जल जीवन हरियाली अभियान के अंतर्गत सरकारी योजनाओं के पूर्ण होने से इस जिला का समग्र विकास एवं पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका है। इस योजना से एक ओर जिले का वाटर लेवल ऊपर आया है , वहीं वृक्षारोपण से जिला के हरियाली क्षेत्र में बढ़ावा मिला है। साथ ही कोविड-19के इस संक्रमण काल में अकुशल मजदूरों को इस योजना से लाभ मिला है। वैशाली जिला में 707 सार्वजनिक तालाब /पोखर में से अतिक्रमित संरचना 244 में सभी पर वाद की कार्रवाई करते हुए 244 नोटिस निर्गत किया गया है। 237 वाद में अंतिम आदेश पारित किए गए हैं एवं 207 संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त करा दिया गया है।इसी क्रम में लघु जल संसाधन द्वारा 5 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल वाले 16 पोखर का जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण कर लिया गया है। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा योजना से 206 पोखर का जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण कर लिया गया है और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग हाजीपुर द्वारा 853 सार्वजनिक कुआं में से 260 कुआं का जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ करते हुए 245 का कार्य पूर्ण कर लिया गया है ।इसी प्रकार शहरी क्षेत्र में 52 कुआं में से 37 कुआं का जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ करते हुए सभी का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 28175 सार्वजनिक चापाकल में से 21767 चापाकल के किनारे सोखता रिचार्ज पिट जल संरचना का निर्माण मनरेगा योजना से पूर्ण किया गया है।इसी प्रकार नगर पंचायत एवं नगर परिषद क्षेत्र में 2074सार्वजनिक चापाकल में से 706 चापाकल के किनारे सोखता रिचार्ज पिट जल संरचना के निर्माण का कार्य प्रारंभ करते हुए 501 स्थलों पर कार्य पूर्ण कर लिया गया है। मनरेगा योजना अंतर्गत 204 नये जल स्रोत निजी भूमि पर खेत पोखर का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है, वहीं कृषि विभाग द्वारा 04 एवं मत्स्य विभाग द्वारा 46 नए पोखर का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। मिशन 2.51 करोड़ पौधारोपण में वैशाली जिला में वित्तीय वर्ष 2019- 20 एवं 2020 -21 में वन प्रमंडल हाजीपुर एवं मनरेगा योजना द्वारा लगभग 900000 पौधा लगाया गया है।वैशाली जिला के कुल क्षेत्रफल 2036 वर्ग किलोमीटर के विरुद्ध 2274 एकड़ में जैविक खेती किया जा रहा है ।सौर ऊर्जा उपयोग को प्रोत्साहन एवं ऊर्जा की बचत करने के अंतर्गत वैशाली जिला के 946 सरकारी भवनों के माह जुलाई 2019 का विद्युत विपत्र जहां 60.76 लाख रुपए था, वहीं माह जुलाई 20 20 विद्युत विपत्र 54.84 लाख रुपए रहा है ।इस प्रकार सरकारी भवनों में लगभग 10% विद्युत विपत्र में कमी लाते हुए ऊर्जा की बचत की गई है। निसंदेह, पर्यावरण संरक्षण के लिए सकारात्मक सोच और सार्थक पहलकदमी से वैशाली जिला भविष्य में भी अब्बल बना रहे,यही आशा है।




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