– गरीबों के खिलाफ है जल जीवन हरियाली कार्यक्रम
– 25 फरवरी को विधानसभा मार्च के लिए सभी को जुटने का किया आह्वान

✍परवेज अख्तर/सिवान;

सीवान.

शहर के गांधी मैदान में माले के सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि केंद्र व बिहार की सरकार एन आरसी के मुद्दे पर देश की जनता को गुमराह कर रही है .अब दलित महादलित वर्ग के साथ-साथ कुछ खास वर्ग को टारगेट रख उनसे हिंदुस्तानी होने का प्रमाण मांगा जायेगा. सरकार कहती है कि नहीं लागू होगा एनसीआर तो फिर ये एनपीआर क्या है ? जबकि एनपीआर के आधार पर ही एनआरसी बनाना है. एनआरपी के बहाने संदेहास्पद वाला कॉलम भरना चाहते हैं. जब जब भाजपा के वरीय नेताओ के लिए भी यह बताना मुश्किल है कि मां-बाप का जन्म कहा हुआ तो फिर ये आम और आवाम कैसे बताएंगे . अब लोगो को दिल्ली, शाहीनबाग, जंतर मंतर, जेएनयू को देखकर यह पता चलने लगा है कि अंग्रेंजों का राज कैसा था. सीसीए, एनपीआर व एनआरसी की लड़ाई न रुकेगी न थकेगी. जब-जब देश में सत्ता व जनता के बीच लड़ाई हुई है तो जीत जनता की हुई है. सीएए के बारे में जैसे-जैसे लोगों को समझ आ रही है तो लोग विरोद्ध में खड़े होने लगे है. यह बात सबसे पहले असम से शुरू हुई कि देश में गैर कानूनी तरीके से बंगलादेशी भारत में घुस गये है. तभी से यह मामला शुरू हो गया. उन्होंने यह भी कहा कि देश मे 31 हजार 3 सौ 13 ऐसे लोग भारत मे लंबे समय से रह रहे है जिन्हें अभी तक नागरिकता नहीं मिली है. सरकार सर्वे करती है जिसके पास साइकिल है उन्हें मोटरसाइकिल लिखा जाता है. जिसके पास बाइक है उन्हें साइकिल लिखा जाता है. अंत में उन्होंने कहा कि जब तक इंसाफ नही होता तब तक लड़ाई जारी रहेगी. मंच से नेताओं ने कहा कि गरीब दलित को सजग होने की जरूरत है नहीं तो फिर एक बड़ी लड़ाई लड़नी होगी. इधर कार्यक्रम को लेकर शहर के सभी मार्गों को कार्यकर्ताओं द्वारा लाल झंडे से पाट दिया गया था. मंच का संचालन केंद्रीय कमेटी अध्यक्ष नैमुद्दीन अंसारी ने किया. अवसर पर जिला उपाध्यक्ष गौतम पांडे, सीपीआईएम जिला कमेटी सदस्य मुंशी सिंह, मोहम्मद इसहाक, जय शंकर पंडित, शहजाद गनी, सत्यदेव राम, डॉ अमरनाथ यादव, सोहेला गुप्ता, आदि लोग मौजूद थे
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