
◆ रातों रात आई बाढ़ के कारण शादी के रश्म के बाद नाव से विदा किया गया दूल्हा-दुल्हन को

तरैया/सारण : गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बाद सारण में भी एक बार प्रलयकारी बाढ़ का डर लोगों को फिर से सताने लगा है। जिससे लोग पलायन करने के जुगाड़ में अभी से ही लग गए हैं। जिसको लेकर लोग अभी से ही उच्चे स्थानों पर अपनी जगह ढूंढने के फिराक में हैं। इसी बीच गंडक के बढ़ते जलस्तर से सारण तटबंध के तरैया और पानापुर प्रखंड के निचले इलाकों में रातों रात एकाएक बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। जिस कारण तरैया के सगुनी और पानापुर के रामपुररुद्र 61 समेत कई इलाकों में रातों रात बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया हैं। इसी बीच सगुनी गांव के एक व्यक्ति की बेटी की शादी के रश्म के बाद नाव से दूल्हा-दुल्हन को विदा करना पड़ा। उस दूल्हे के अरमान भी बाढ़ के पानी में बह गया। बेचारा गाड़ी चढ़ कर दुल्हन को बेयाह कर ले जाने आया और नाव पर उसकी विदाई करनी पड़ी। जरासल तरैया-पानापुर सीमावर्ती क्षेत्र सगुनी-रामपुररुद्र 61 के रहने वाले दिलीप सहनी की पुत्री शिला कुमारी की शादी गुरुवार की रात्रि में हो रही थी। शादी के लिए बाराती गाड़ियों पर बैठकर बरात आये, लड़की पक्ष वाले बरातियों का खूब स्वागत भी किये। रात में खाना खाने के बाद कुछ बराती गाड़ी से वापस चले गए और कुछ रुक गए। दूल्हा भी शादी के लिए दरवाजे पर आया शादी की रश्म शुरू हुई लेकिन इसी बीच गंडक के बढ़ते जलस्तर से एकाएक उक्त गांव में बाढ़ का पानी घुस गया और वहां बाढ़ जैसे बेकाबू हालात हो गए। जिससे दूल्हा-दुल्हन संग बराती भी बाढ़ के पानी में घिरकर फस गए और आलम यह हुआ कि सुबह में नाव पर बैठा कर दूल्हा-दुल्हन एवं बरातियों को विदा करनी पड़ी। बरात मसरख थाना क्षेत्र के चैनपुर चरिहार से तरैया-पानापुर सीमावर्ती क्षेत्र सगुनी-रामपुररुद्र-61 में आई थी। जहां दूल्हे को शादी के दिन ही बाढ़ के पानी का दर्शन हो गया। फिलहाल उक्त गांव समेत आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, और लोग उच्चे स्थानों पर पलायन करने के मुंड में हैं। इधर स्थानीय प्रशासन भी बाढ़ की सूचना पर गंडक बाढ़ का निरीक्षण किया। तरैया सीओ अंकु गुप्ता एवं थानाध्यक्ष राजीव रंजन कुमार सिंह ने सारण तटबंध का निरीक्षण किया।




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