एकमा की शैलबाला बीपीएससी के माध्यम से बनी असिस्टेंट प्रोफेसर, लगा बधाइयों का तांता

विनीत कुमार, छपरा
सारण जिले के एकमा व मांझी प्रखंड वासियों के लिए यह गौरव की बात है। एकमा की रहनेवाली डॉ कुमारी शैलबाला सहायक प्राध्यापक बनी हैं। शैलबाला ने बीपीएससी के माध्यम से यह सफलता हासिल की है।
वर्ष 2014 में विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग ने विज्ञापन संख्या 25/2014, 26/2014 व 27/2014 के तहत विज्ञापन प्रकाशित कर इक्षुक अभ्यर्थियों से आवेदन मांगा था। आवेदन के बाद लिखित परीक्षा व साक्षात्कार का आयोजन हुआ। इसके बाद यह मामला पटना उच्च न्ययालय में लंबित था मगर अंततः न्यायालय से निर्णय मिलने के बाद बिहार लोक सेवा आयोग ने अंतिम रूप से चयनित सहायक प्राध्यापकों की सूची जारी की जिसमे एकमा की डॉ शैलबाला का चयन अंग्रेजी के सहायक प्राध्यापक के रूप में हुआ है।
अंतिम रूप से डॉ कुमारी शैलबाला का चयन सहायक प्राध्यापक में होने के बाद उन्हें खूब बधाईया मिल रही हैं। आपको बता दे कि कुमारी शैलबाला मूल रूप से मांझी प्रखंड के एकडेंगवा ग्राम निवासी डॉ सुनील कुमार सिंह उर्फ मुन्ना जी की पत्नी है। डॉ सुनील कुमार के पिता रुदल सिंह एक प्रतिष्ठित समाजसेवी है। पत्नी की सफलता पर लोग डॉ सुनील कुमार सिंह को भी बधाईयां दे रहे हैं। वहीं डॉ शैलबाला की इस सफलता पर उनके मायका काशी बाजार में भी जश्न का माहौल है। उनके पिता शशिभूषण सिंह व माता विमला सिंह को भी खूब बधाइयां मिल रही हैं।
आपको बता दे कि डॉ कुमारी शैलबाला वर्तमान में मुजफ्फरपुर के राजकीय महिला पॉलिटेक्निक में बतौर लेक्चरर कार्यरत हैं। शैलबाला ने अपनी इस सफलता का श्रेय ईश्वर, अपने माता पिता, सास स्वसुर, पति व गुरुजनों को दिया है। उन्होंने कहा कि दृढ़ निश्चय के साथ निरंतर प्रयास करना सफलता का मूल मंत्र है।




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