बाढ़ पूर्व प्रशासनिक तैयारियों की निकली हवा

पानापुर(सारण)प्रलयंकारी बाढ़ की विभीषिका झेल रहे प्रखंड वासियों पर मंगलवार को दोहरी मार पड़ी । मंगलवार की सुबह से ही हो रही मूसलाधार बारिश ने उनका जीवन नरक बना दिया है । प्रखंड के विभिन्न सड़को एवं नहर के बांध पर शरण लिए बाढ़ पीड़ित तेज बारिश से बेहाल हैं । उन्हें खुद के साथ साथ मवेशियों के भोजन की चिंता सता रही है । भूख से बेहाल प्लास्टिक के बनाये आशियाने में वे तो किसी तरह अपने परिजनों को छुपाये बैठे है लेकिन मवेशी खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं । बारिश के कारण मवेशियों के लिए चारे की समस्या उत्पन्न हो गयी है । इस बीच आपदा विभाग द्वारा लगातार तीन दिन तक भारी बारिश की चेतावनी ने बाढ़ पीड़ितों की पेशानी पर बल ला दिया है । प्रकृति की इस दोहरी मार ने बाढ़ पीड़ितों का जीवन नारकीय बना दिया है .प्रशासनिक दावे की निकली हवा ।स्थानीय प्रशासन बाढ़ पूर्व तैयारियों की उचित व्यवस्था का लाख दावा करे लेकिन बारिश ने उनके दावे की हवा निकाल दी है । सीओ रणधीर प्रसाद ढाई हजार तिरपाल वितरण एवं दो दर्जन कम्युनिटी किचेन चलाने की बात कही लेकिन आज भी अधिकांश बाढ़ पीड़ित खुले आसमान के नीचे रहने को विवश है । वही कुछ ऐसे कम्युनिटी किचेन बनाये गये है जहां बाढ़ पीड़ितों का पहुँचना मुश्किल है । प्रशासनिक उदासीनता के कारण बाढ़ पीड़ितों में आक्रोश बढ़ते जा रहा है । वही मशरक लखनपुर मार्ग पर राजापट्टी के पास शरण लिए सेमरी गांव के कुछ बाढ़ पीड़ितों ने मशरक सीओ पर पानापुर के बाढ़पीड़ितों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया ।अगर ग्रामीणों का आरोप सही है तो सचमुच यह मानवता को शर्मसार करनेवाली बात है ।