
*आज देश की जनता सरकार के कामों का हिसाब कर रही है, तीन साल पहले हम घोटालों का हिसाब करते थे.*
✍सर्वेश तिवारी श्रीमुख (गोपालगंज, बिहार)
🍄केन्र्द में नरेन्द्र मोदी सरकार के तीन वर्ष पुरे होने पर ,इन तीन वर्षों में देश के लोग तीन वर्गों में बट गये.
पहले वर्ग में वे हैं, जो देश की हर छोटी बड़ी उपलब्धि को सीधे मोदी जी से जोड़ कर तालियां बजाते हैं. बोले तो भक्त. इनकी विशेषता यह है कि ये किसी भी चर्चा का कबाड़ा कर सकते हैं.
दूसरे वर्ग में वे हैं जिन्हें दिन के चौबीसो घण्टे मोदी से शिकायत रहती है. इनकी पीड़ा का अंत नहीं है. इनकी सबसे बड़ी योग्यता यह है, कि इसने सामने यदि आपने सरकार के किसी कार्य के समर्थन में एक अक्षर का भी उच्चारण कर दिया तो ये तपाक से आपको “भक्त” घोषित कर देंगे. मेरे गांव के दिलमोहम्मद धुनिया इनको “मोदीजी के मौसीआउत सार” कहते हैं, क्योंकि ये लोग स्वयं दिन भर में कम से कम सौ बार मोदी नाम का जाप करते हैं.
और तीसरे वर्ग में वे लोग हैं जो कमी पाने पर सरकार की बखिया भी उसी ऊर्जा के साथ उधेड़ते हैं, जिस ऊर्जा के साथ सरकार के अच्छे कार्यों का समर्थन करते हैं. सरकार से इनकी उम्मीदें न पूरी हुई हैं, न टूटी हैं.
इस सरकार से मेरी जो चार इच्छाएं थीं, उनमे से एक भी पूरी नहीं हुई, सो मैं संतुष्ट नहीं. पर इस बात कि ख़ुशी है कि आज देश की जनता सरकार के कामों का हिसाब कर रही है, तीन साल पहले हम घोटालों का हिसाब करते थे.
मुझसे यदि आप इस सरकार की सबसे बड़ी कमजोरी पूछें तो मैं कहूंगा कि नक्सलियों और निचले स्तर के भ्रष्टाचारियों को रोकने में सरकार पूर्णतः विफल रही है. एक आम गरीब का देश के किसी भी राज्य के किसी भी जिले के सरकारी कार्यालय में बिना घूस या पैरवी के एक छोटा सा काम भी नहीं होता. बिना पैसे दिए एक बिधवा अपने पति का मृत्यु प्रमाण पत्र भी नहीं पा सकती. मतलब गृह मंत्रालय पूरी तरह फेल.
आप मुझसे सरकार की सबसे बड़ी खूबी पूछें तो कहूंगा कि इस सरकार ने देश की बहुसंख्यक आबादी को जो आत्मविश्वास दिया है वह बहुत बड़ी बात है. एक उदाहरण देखिये- आज से चार साल पहले मध्यकालीन भारत के योद्धाओं पर जितने भी सीरियल बनें सब बन्द हो गए. बचपन की कहानी तक तो सब ठीक चलता था, पर जैसे हीं विदेशी आक्रांताओ से युद्ध का समय आता, सीरियल बन्द हो जाते. शिवाजी, महाराणा प्रताप, मैं दिल्ली हूँ, सभी बन्द करा दिए गए। पर आज ‘महाराणा रणजीत सिंह’ और ‘पेशवा बाजीराव’ जैसे सीरियलों का निर्वाध चलना बताता है कि युग बदला है. इस बदलाव के लिए सरकार को धन्यवाद।
शेष जो है वो हइये है. आज मोदी जी मिलते तो पूछता- मंदिर कहिया बनी हो?




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