Θ बेतिया – विदेशी नहीं, स्वदेशी राखी की डोर से रिश्ते होंगे मजबूत, महिलाएं खुद बना रहीं राखियां

✍️न्यूज इनपुट नीरज ठाकुर बेतिया (प०च०) बिहार 👉

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प0 चम्पारण इस बार रक्षा बंधन का पर्व खास बनाने जा रही है। भाइयों के कलाई पर विदेशी नहीं स्वदेशी राखियां बंधेगी।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रदेश कार्यकारणी सदस्य अंशु सिंह एवम अन्य छात्र कार्यकर्ता खुद राखी बना रही हैं। इनकी राखियों की डिमांड भी खूब है। लोग खुद घर जाकर तथा सोशल मीडिया का प्रयोग कर के राखियां खरीद रहे हैं। घरों से चीन निर्मित राखी को निकाल दिया गया है और स्वदेशी राखियों को घरों व मोहल्लों तक पहुंचना शुरू कर दिया है। यह राखियां चीन की राखियों को ही नहीं बल्कि उसके कम दाम को भी टक्कर दे रही है। घरों में राखियां पारंपरिक व आसानी से मिलने वाले उत्पादों व वेस्ट वस्तुओं से तैयार की जा रही है। राखी बना रही प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अंशु सिंह ने बताया कि ऐसे तो कई सालों से राखी घर में बना रही हूं।

लेकिन, इस बार चीन द्वारा भारत के साथ सिमा पर रात के अंधेरे में धोखे से भारतीय सेना पर हमले के बाद चीनी समानो का बहिष्कार किया जा रहा इसी निमित कुछ अलग स्वेदशी राखियां तैयार हो रही है। बिहार के प्रदेश सह मंत्री रौशन कुमार का कहना है घर में बनी राखियों की कीमत चीन के मुकाबले कम है और दिखने में खूबसूरत भी है। मोती, रेशम के धागे और स्वदेशी उत्पाद से राशियों को तैयार किया जा रहा है। लोग इन राखियों को पसंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बहन अंशु सिंह के स्वदेशी राखी को सोशल मीडिया पर बहुत पसंद किया जा रहा बिहार के कोने कोने से छात्रा अंशु सिंह से राखी बनाने का गुर सिख रही है। विधार्थी परिषद को विश्वास है कि अबकी बार छात्रा/महिलाएं अपने सैनिक भाईयों के शहादत का बदला लेंगे और स्वनिर्मित स्वदेशी राखी इस बार भाई के कलाई पर बांधेगी।